मोहल्ला तेलियाघाट में तीन साल के बच्चे ने बोतल में रखी कीटनाशक दवा पी ली। बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया।
रविवार देर को मोहल्ला तेलियाघाट निवासी सतेंद्र का तीन साल का बेटा उमा अपने घर पर खेल रहा था। घर के कोने में कीटनाशक दवा रखी हुई थी। खेलते-खेलते वह वहां पहुंच गया और बोतल से कीटनाशक दवा पी ली।
बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजन समझ नहीं पाए लेकिन घर के कोने में बिखरी पड़ी बोतल की कीटनाशक दवा देख परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन बच्चे को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत में सुधार होना बताया जा रहा है।
खुलें में न रखें कीटनाशक
कीट नाशक दवाओं और अन्य जहरीले पदार्थों को खुले में न रखें। ऐसे जहरीले पदार्थ घर पर ऐसे स्थानों पर रखें जो बच्चों की पहुंच से दूर हों। खाने-पीने के समानों के साथ कभी भी इस तरह जहरीले पदार्थ न रखें। जहरीले पदार्थ और दवाओं को उन पैकिंगों में रखें जिन पर उनके नाम साफ लिखे हों।
चिकित्सक अमित कुमार ने बताया अगर गलती से या किसी कारणवश बच्चा या कोई अन्य व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया हो तो तत्काल नमक का घोल पिलाकर उलटी करवाने का प्रयास करें। जितनी जल्दी हो सके उसे चिकित्सक के पास ले जाएं। जहरीले पदार्थ का बर्तन अपने साथ जरूर ले जाएं। ज्यादा मात्रा में ठंडा पानी पिलाने से भी जहर का असर कम हो जाता है।