अरनिया क्षेत्र के गांव नगला उदयभान निवासी के छप्पर में आग लगने से दस पशुओं की झुलसकर मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया है। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गांव नगलिया उदयभान निवासी सोनू, पवन और अजय तीन सगे भाई पशु पालन कर अपनी जीविका चलाते हैं। शनिवार सुबह वह खेतों पर फसल काटने गए थे। इसी दौरान करीब 11.30 बजे उनके घेर में बंधे छप्पर में आग लग गई। छप्पर में आग की लपटें देख गांव के लोग मौके पर पहुंचे।
जानकारी मिलने पर तीनों भाई भी काम छोड़कर पहुंच गए। लोगों ने किसी तरह बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस और फायर बिग्रेड भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्क्त के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।
आग की चपेट में आने से 10 पशुओं की मौत हो गई जबकि एक गोवंश बुरी तरह से झुलस गया। चिकित्सक को बुलाकर उसका उपचार कराया जा रहा है। उधर सूचना मिलने पर तहसीलदार आनंद श्रीनेत, कानूनगो प्रदीप, प्रशासनिक टीम के साथ पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीण की क्षति का जायजा लिया। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
धूं-धूं कर जली मेटाडोर, चालक-हेल्पर झुलसे
नगला फजलपुर रजवाहे के पास एक मेटाडोर धूं-धूं कर जल गई। हादसे में चालक समेत दो लोग झुलस गए। आसपास के लोगों ने देखा तो आग से झुलसे हुए दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया।
शुक्रवार को असरौली गांव निवासी राजपाल अनौना निवासी चालक को लेकर अपनी मेटाडोर लेकर अलीगढ़ माल लादने जा रहे थे। नगला फजलपुर रजवाहे के पास पहुंचने पर अचानक मेटोडोर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगी। आसपास के लोगों ने देखा तो मौके की तरफ दौड़ पड़े ।
सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जहां से उन्हें बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। उधर ग्रामीणों ने पानी आदि डालकर किसी तरह आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण वायरिंग में शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा हैं।