छेड़छाड़ से परेशान होकर 10वीं की छात्रा ने सोमवार शाम जहर खा लिया।
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर सीएचसी ले जहां से उसे जिला अस्पताल और फिर दिल्ली रेफर कर दिया गया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिजन उसे बुलंदशहर के आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास ले गए जहां इलाज के बाद छात्रा की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
छात्रा का इलाज करा रहे समाजसेवी राजेश शर्मा ने बताया कि महेपा जागीर में रहने वाली 10वीं की छात्रा के घर से घेर की दूरी करीब 500 मीटर है।
आरोप है कि बीते सालभर से रास्ते में कुछ लड़के उससे छेड़छाड़ कर रहे हैं।
छात्रा ने कई बार परिजनों से इसकी शिकायत की लेकिन लोकलाज और आरोपियों की दबंगई के चलते वे विरोध की की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
सोमवार शाम छात्रा घर से अपने घेर जा रही थी। तभी रास्ते में चार युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।
विरोध करने पर आरोपियों ने उसका हाथ पकड़ लिया। किसी तरह हाथ छुटाकर भागी छात्रा ने घर पहुंचकर जहरीला पदार्थ खा लिया।
उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया।
हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर कर दिया। गरीबी हालत के चलते परिजन उसे समता आयुर्वेद चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
जहां डॉक्टर हितेश कौशिक ने उपचार किया। छात्रा की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है।
आयुर्वेद ने बचाया जहर का मरीज
आम तौर पर जहर खाने के मामलों में एलोपैथिक पद्धति से उपचार को तवज्जो दी जाती है।
लेकिन इस मामले में एलोपैथिक पद्धति से उपचार करने वाले चिकित्सकों ने मरीज को देखकर ही हाथ खड़े कर दिए और दिल्ली रेफर कर दिया।
आर्थिक तंगी के चलते परिजन छात्रा को रात नौ बजे आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. हितेश कौशिक के पास लाए जिन्होंने आयुर्वेदिक दवाओं के प्रयोग एक घंटे में छात्रा की हालत में सुधार ला दिया और अब वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।