डबल मर्डर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीनों भाइयों में से एक को भी पैरोल न मिलने पर उनके पिता के शव को मृतक के भतीजे ने मुखाग्नि दी। शनिवार सुबह मौत के 40 घंटे बाद विधि विधान के अनुसार शव का अंतिम संस्कार हुआ। दरोगा द्वारा पेरौल के प्रार्थना पत्र पर संस्तुति न दिए जाने के चलते मृतक के पुत्र को पैरोल नहीं मिल सकी थी। पुलिस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर निवासी मगन सिंह के तीनों पुत्र पप्पू, मिंटू व बिट्टू डबल मर्डर में जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे है। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे मगन सिंह की बीमारी के चलते गांव में मौत हो गई थी।
शुक्रवार सुबह मगन सिंह के भतीजे नवीन पुत्र धर्मवीर सिंह ने मगन सिंह के बड़े पुत्र पप्पू को पैरोल पर लाकर अंतिम संस्कार कराने की जिलाधिकारी से मांग की थी। जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन द्वारा संस्तुति मिलने के बाद थाना बीबीनगर पुलिस से संस्तुति मांगी थी। लेकिन दरोगा मदनपाल सिंह ने पेरौल के लिए संस्तुति देने से इनकार कर दिया था।
जिसके चलते शुक्रवार शाम तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। विनीत ने दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन दरोगा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया था। विनीत ने बताया कि पिता के शव को मुखाग्नि देने का सबसे पहला अधिकार उसके पुत्रों को होता है।