पति जतन सिरोही की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद वारिस के हक को लेकर बृहस्पतिवार को उसकी पत्नी रीना सिरोही एडीएम प्रशासन से मिली। रीना ने खुद को और अपनी नाबालिग बेटी को जतन सिरोही का उत्तराधिकारी बताकर सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद का कानूनी हकदार बताया।
हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जतन सिरोही एनकाउंटर को फर्जी मानते हुए राज्य सरकार से जतन के परिवार को पांच लाख रुपये देने का आदेश दिया था। बता दें कि जतन की पत्नी रीना ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में एनकाउंटर को फर्जी बताकर जांच की मांग की थी। जांच के बाद आयोग ने यूपी सरकार को पांच लाख रुपये जतन के परिजनों को बतौर मुआवजा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
मुआवजा राशि पर हक को लेकर जतन की पत्नी रीना बृहस्पतिवार को एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र से मिली। उन्होंने खुद और अपनी नाबालिग बेटी एकता सिरोही का जतन का वारिस बताया और यूपी सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद का हकदार भी बताया।
रीना ने एडीएम प्रशासन से यह भी कहा कि माननीय उच्च न्यायालय में मुआवजा बढ़ोतरी के संबंध में रिट डाली हुई है। इस कवायद में वह स्वयं लगी हुई है। इसलिए सरकार से जो भी आर्थिक मदद मिलेगी वह उसके पास तक पहुंचनी चाहिए।
वहीं,एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि जो पुलिस अफसर और कर्मी जतन सिरोही एनकाउंटर में शामिल थे। उन पुलिस अफसर और कर्मियों के वेतन से मुआवजा राशि की रिकवरी की जाएगी।
जतन के जेवरात देने से बच रही पुलिस
रीना ने बताया कि जब उसके पति का एनकाउंटर हुआ था तो पुलिस उनके पास से दो सोने की चेन, तीन अंगूठी समेत कई जेवरात थे। एनकाउंटर के बाद कोर्ट ने आदेश जारी कर जतन के वारिसों को सौंपने के लिए कहा था। लेकिन तब से पुलिस उसे बार-बार घुमा रही है।
रीना ने बताया कि 29 जून 2016 को उसने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। जब कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी तो यह कहकर टाल दिया कि वो जेवरात लखनऊ मुख्यालय में हैं।
जतन की पत्नी रीना ने बताया जान का खतरा
पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात जतन सिरोही की पत्नी रीना ने खुद की जान को खतरा बताया है। उसने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में भी सुरक्षा कारणों की वजह से गांव में न रहने को वजह बताया है। रीना ने मीडिया के सामने अपना वर्तमान पता भी उजागर करने से इंकार कर दिया।
28 मई 2008 को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से लौटते कुख्यात अपराधी जतन सिरोही पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद नाकेबंदी करते हुए पुलिस ने जतन सिरोही को चोला रोड पर एक सुनसान स्थान में मार गिराया था।
जतन की मौत के बाद उसकी पत्नी रीना सिरोही ने कोर्ट-कचहरी और मानवाधिकार आयोग में पत्राचार शुरू किया। रीना अपनी इकलौती बेटी एकता सिरोही के साथ किसी अज्ञात स्थान पर रहने लगी। बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी ऑफिस पहुंची रीना सिरोही ने बताया कि उसकी बेटी इस समय 14 साल की है।
वह नौवीं कक्षा में पढ़ रही है। जब उससे वर्तमान पता पूछा तो सुरक्षा कारणों के चलते बताने से इनकार कर दिया। रीना ने बताया कि उसकी जान को खतरा है। इसके चलते ही वह गांव में नहीं रह रही है। हालांकि उसने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रीना ने दावा किया है कि उसने ही मुआवजे के लिए पूरी लड़ाई लड़ी। आयोग से लेकर लखनऊ तक उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाए।