जिला मुख्य डाक अधीक्षक वाईपी सिंह ने ग्राहकों के जमा कराए आठ लाख रुपये की हेराफेरी के मामले में दोषी पाए गए शिकारपुर डाकघर प्रभारी को बर्खास्त कर दिया। इस मामले की जांच प्रवर डाक अधीक्षक (एसएसपी) आगरा ने की थी थी।
मामला बुलंदशहर के मुख्य डाकघर का है जहां 2008-09 में बाबू के पर काम करते हुए शिकारपुर में वर्तमान डाकघर प्रभारी मनोज कुमार ग्राहकों के करीब आठ लाख रुपये हड़पने के मामले में फंसे थे। इस मामले में तत्कालीन अफसरों ने उसे सस्पेंड कर दिया था।
पूरे मामले की जांच पहले जिला स्तर और मंडल स्तर के बाद विभाग के एसएसपी आगरा को सौंप दी थी। उस समय ग्राहकों ने भी अपनी-अपनी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करते हुए जमा की गई राशि को वापस दिलवाने की मांग की थी।
इसी बीच वह शिकारपुर में डाकघर प्रभारी बन गया और जांच जारी रही। अब एसएसपी आगरा ने जांच पूरी की जिसमें मनोज कुमार को दोषी पाया गया।
शिकारपुर डाकघर प्रभारी मनोज कुमार को ग्राहकों द्वारा जमा की गई राशि में हेराफेरी करने के आरोप में विभाग के एसएसपी आगरा ने बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए है। आदेश मिलने पर डाकघर प्रभारी के पद से भी हटा दिया है।
- वाईपी सिंह, जिला मुख्य डाक अधीक्षक, बुलंदशहर