करंट की चपेट में आने से संविदाकर्मी गंभीर रूप से झुलस गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मामन बिजलीघर पर हंगामा कर दिया। भीड़ के गुस्से को देखकर बिजलीघर पर तैनात कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, घायल संविदाकर्मी को अस्पताल से रेफर कर दिया गया है।
गांव मामन खुर्द निवासी शाहरुख बिजली घर पर संविदा कर्मी के रूप में तैनात है। सोमवार दोपहर मामन गांव में वह मीटर लगाने गया था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से शाहरुख झुलस गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर बिजलीघर पर हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के गुस्से को देखकर विद्युतकर्मी ऑफिस छोड़कर भाग गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराया। गंभीर हालत में शाहरुख को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।
कारपोरेशन अफसर बोले बैक लाइट से हुआ हादसा
संविदाकर्मी की मौत के बाद पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। शट डाउन लेने के बाद भी काम करने के दौरान करंट आने पर पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया अन्य लाइन से करंट का बैक आना बताया है। करंट बैक कैसे आया इसकी जांच चल रही है?
रविवार को ग्राम जलालपुर निवासी विद्युत संविदाकर्मी अमरदीप पुत्र खेमचंद उपकेंद्र से शट डाउन लेकर जलालपुर-किसौला के जंगल में लाइन जोड़ रहा था। काम के दौरान अचानक करंट आने से अमरदीप की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों तथा ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था।
जेई सचिन कुमार को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के बाद सात घंटे तक बंधक बनाए रखा था। मामले को शांत करने के लिए पावर कारपोरेशन ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रूपये सोमवार को देने का आश्वासन दे मामले का रफादफा किया था। साथ ही शट डाउन लेने के बाद हादसे की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी।
एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की रकम दे दी गई है। हाजीपुर फीडर का शट डाउन प्रापर चल रहा था। काम के दौरान मांकड़ी फीडर खोला गया था। संभवतया इस फीडर की आपूर्ति खोलने के बाद बैक करंट पास हुआ था। अमरदीप की मौत के बाद परिजनों को बीमा लाभ की प्रक्रिया शुरू कर दी है।