पुलिस लाइन में हुए शूटआउट की जांच में नया मोड़ आ गया है। सौरभ के निशाने पर सिर्फ मनोज और चंद्रपाल थे। सौरभ ने मनवीर को रायफल छीनने पर गोली दागी थी। क्वार्टर गार्ड में लगे सीसीटीवी में शूटआउट की अधिकांश घटना कैद हुई है। सीसीटीवी में कैद घटना शूटआउट का पूरा सच उगल रही है।
पुलिस लाइन में हुए शूटआउट का सच बेशक सभी जानते हो, लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज पूरे घटनाक्रम की हकीकत बयां कर रहा है। संतरी सौरभ के निशाने पर गणना कक्ष में तैनात सिपाही मनोज यादव और एचसीपी चंद्रपाल थे। सौरभ त्यागी ने क्वार्टर गार्ड परिसर की एक दीवार में बने झरोखे से दोनों पर फायर भी किए।
थ्री नॉट थ्री की तीन गोलियां मनोज को मारी गईं और एक गोली चंद्रपाल को मारी थी। सौरभ के निशाने पर मनोज, चंद्रपाल और लाइन का एक अधिकारी था। इसके बाद सौरभ वहां से निकल गया और मैदान में चला गया। सौरभ वहां एक गेट बंद करने लगा, तभी मनवीर गेट पर आ गया। मनवीर ने सौरभ से रायफल छीननी चाही।
दोनों के बीच छीनाझपटी हुई, इसी दौरान मनवीर पर गोली चल गई। गोली लगते ही मनवीर गिर गया। नीचे गिरने के बाद मनवीर ने मोबाइल निकाला और किसी से बात की। इसके बाद सौरभ उसी गेट से निकलकर गेस्ट हाउस की ओर बढ़ा। गेस्ट हाउस के बाहर एक सिपाही ने सौरभ को रोका और दोनों के बीच नोकझोंक होने लगी।
सौरभ ने उस सिपाही के पर रायफल तान दी और भागने की धमकी देने लगा। सौरभ के सिर पर खून सवार देख वह सिपाही वहां से भाग गया। इसके बाद सौरभ ने एक हवाई फायर किया। हवाई फायर करते ही गेस्ट हाउस में मौजूद सिपाहियों में भगदड़ मच गई। भगदड़ मचते ही सौरभ सामने खाली पड़े मैदान की तरफ पहुंचा।
यहां सौरभ करीब 20 से 30 मिनट तक घूमता रहा। डीएम और एसएसपी से लेकर तमाम अफसर यहां पहुंच गए। सभी ने सौरभ को समझाने की कोशिश की, लेकिन सौरभ ने एक नहीं सुनी और खुद को भी गोली मार ली। घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज काफी मददगार साबित होगी।