कंप्यूटर ऑपरेटर को मिलने वाले मानदेय पर भी अफसर अपना डाका डाल रहे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर के नाम पर हर माह लाखों रुपये का गबन किया जा रहा है।
वर्क ऑर्डर और टीआई खोलकर विभागीय पैसे को गबन किया जा रहा है।
सपा नेत्री का रिश्तेदार होने के कारण उच्च अफसर भी जांच की जगह पूरे मामले को दबाने में जुटे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक सर्किल द्वितीय के टेस्ट डिवीजन में करीब एक साल से 14 कंप्यूटर ऑपरेटर काम कर रहे हैं।
इन ऑपरेटरों के मानदेय के नाम पर शासन द्वारा हर माह करीब नौ हजार रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन इन तक कोई पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। खंड अधिकारी हर माह वर्क ऑर्डर और टीआई खोलकर इन कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय का हवाला देकर लाखों रुपया निकाल रहे हैं, लेकिन इन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं दी जा रही है।
तीन माह पहले ठेकेदार को इस बाबत टेंडर छोड़ दिया, लेकिन ठेकेदार भी उसी ढर्रे पर चला और कंप्यूटर ऑपरेटरों का वेतन अफसरों के साथ डकारता रहा। जिले की एक बड़ी सपा नेत्री का रिश्तेदार होने के कारण इस अफसर के खिलाफ उच्चाधिकारी भी जांच बैठाने में संकोच कर रहे हैं। अब कंप्यूटर ऑपरेटरों ने खंड एक्सईएन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।