साहूकारों की दबंगई किस प्रकार चल रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कर्ज से तीन गुना रुपया ज्यादा देने के बावजूद किसान पर अभी भी 10 गुना उधारी बाकी है।
एडीएम वित्त के कार्रवाई के आदेशों के बावजूद साहूकार पर अफसरों की मेहरबानी बरकरार है। एडीएम वित्त के आदेशों को हाथ में लेकर घूम रहे किसान की बात न तो पुलिस सुन रही और न तहसील अफसर।
तहसील अनूपशहर के गांव कतियावली निवासी राजेंद्र कुमार शर्मा पुत्र रघुवर दयाल शर्मा ने एडीएम वित्त को शिकायत की थी कि उसने एक साहूकार से जरूरत पड़ने पर वर्ष 2011 में एक लाख 80 हजार रुपये उधार लिए थे। धीरे-धीरे मय ब्याज के हिसाब चुकता कर दिया गया।
इसके बावजूद डरा-धमकाकर उसकी दुकान से सामान और ब्याज के रूप में पैसे वसूले जाते रहे, लेकिन उधारी खत्म नहीं हुई। किसान ने थाने में मामले की तहरीर दी तो पुलिस ने साहूकार को तहरीर ही सौंप दी।
नतीजा साहूकारों की किसान पर दबंगई और बढ़ गई। एडीएम वित्त ने अनूपशहर एसडीएम को जांच कर साहूकार के खिलाफ उत्तर प्रदेश साहूकारी विनियमन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद एसडीएम अनूपशहर ने तहसीलदार को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए, लेकिन साहूकार पर तहसील और पुलिस अफसरों की मेहरबानी बरकरार है।