गेहूं पर आयात शुल्क खत्म करने के खिलाफ और कर्जमाफी की मांग को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने मंगलवार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को किसान हित में छह सूत्रीय मांगपत्र भी भेजा है।
रालोद कार्यकर्ता ने नगर के होटल पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए कालाआम पहुंचे और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और महामहिम के नाम छह सूत्रीय मांगपत्र डीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि केंद्र किसान-मजदूर विरोधी सरकार है।
गेहूं से आयात शुल्क खत्म कर किसानों के साथ धोखा दिया है। जब देश में पर्याप्त गेहूं है तो आयात करने की क्या जरूरत पड़ गई है। उन्होंने गेहूं के आयात पर रोक लगाने की मांग की। पूर्व प्रमुख मुकेश पंडित ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आज किसान, मजदूर और गरीब आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
राष्ट्रीय सचिव चक्रपाणी यादव ने केंद्र सरकार से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने की मांग की। डॉ. सुजात अली ने बताया कि राष्ट्रपति को मांगपत्र भेजकर किसानों का गन्ना का बकाया भुगतान कराने की मांग की गई है।
प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सचिव अतुल वाल्मीकि, युवा नेता डॉ. कुंवरवीर चौधरी, जिला महासचिव भवतोष तेवतिया, ब्लाक अध्यक्ष देशराज सिंह, त्रिलोकी प्रधान, सुधीर चौधरी, मनुराज तेवतिया, सुनील चौधरी, सुधीर लोधी, भूपेंद्र चौधरी, उम्मेद अली, जाकिर प्रधान और रामनरेश सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।