गुलावठी ब्लॉक के कोटा गांव में रजवाहे से सूखे तालाब को भरने की कवायद को उस समय झटका लगा, जब कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया। उन्होंने अपने खेतों में नालियां बनाने पर आपत्ति जताई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में तलब किया है।
बताया जाता है कि ग्राम कोटा के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम प्रधान अंजू यादव, ग्रामीणों श्रीपाल, मनवीर सिंह, हरवीर सिंह, जितेंद्र सिंह, किशनपाल, बाबूराम, रणधीर, नंदू, संजय, मंगूमल, विनोद आदि का कहना है कि गांव में पानी का स्तर 80 फुट नीचे जा चुका है।
मवेशियों को भी पानी पिलाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। ग्राम प्रधान व अनेक ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि उन्हें रजवाहे के पानी को गांव के सूखे तालाब में भरने की अनुमति दी जाए। एसडीएम ने सिंचाई विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश कर दिए।
इस बीच बुधवार की देर शाम सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्र होकर रजवाहे से तालाब तक पानी लाने के लिए नाली की खुदाई कर दी, परंतु जिन खेतों में नाली बनाई जा रही थी उनके खेत मालिकों हरवीर सिंह, कर्मपाल, तेजवीर आदि ने अपने खेतों नाली बनाने का विरोध कर दिया।
ग्राम प्रधान पक्ष का कहना था कि नालियां ग्राम सभा की भूमि में बनाई जा रही थी। दोनों पक्षों में काफी वाद विवाद हुआ। तब खेत मालिकों में से किसी ने 100 नम्बर पर पुलिस को फोन कर दिया। गांव में संघर्ष की आशंका को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुला लिया। दोनों ओर से काफी लोग थाने में जमा हो गए।
ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई कि गांव के तालाब को भरने में पुलिस उनकी मदद करे। जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि उनसे बिना अनुमति के उनके खेतों में नालियां खोदकर कुछ लोग गांव में झगड़ा कराना चाहते हैं।
पुलिस ने दोनों पक्षों को तहसीलदार के पास जाने को कहा। तहसीलदार ने थाना प्रभारी को कार्य पूर्ण कराने के लिए लेखपाल को पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा है। समाचार भेजे जाने तक काम रुका हुआ है।
गुलावठी ब्लॉक के सभी गांव डार्कजोन में आते हैं। पिछले वर्ष ही पानी का स्तर करीब 50 फिट नीचे चला गया था। जल संरक्षण के विषय में तो लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। - अजय कुमार, एडीओ पंचायत
ग्राम कोटा के ग्रामीणों ने तालाब भरने के लिए रजवाहे से पानी लेने की मांग की थी। उन्होंने सिंचाई विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - विवेक कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सदर