छतारी थाना क्षेत्र के गांव कमौना में वर्ष 2011 में हुई रिंकू की हत्या के मामले में कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-8 हुसैन अहमद अंसारी के न्यायालय ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी इकबाल अहमद ने बताया कि गांव कमौना निवासी गंगाशरण शर्मा ने थाना छतारी में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 16 सितंबर 2011 को वह अपनी पोती मीरा पुत्री देवेंद्र के साथ घर पर ही मौजूद था। इस दौरान आरोपी हेमेंद्र पुत्र रघुवरदयाल व संतोष पुत्र कंछीलाल ने गाली-गलौच शुरू कर दी।
विरोध करने पर आरोपी हेमेंद्र ने अपने अन्य साथियों देवेंद्र, चंद्रभान, संजय पुत्र कंछीलाल और नवीन शर्मा पुत्र चंद्रभान को भी वहां बुला लिया। इसके बाद आरोपियों ने गंगाशरण व उनकी पोती मीरा के साथ लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर पीड़ित का भाई शिशुपाल पुत्र रिंकू, गुड्डी पत्नी देवेंद्र व प्रियंका पुत्र देवेंद्र ने बीच बचाव करने की कोशिश की।
आरोपियों ने लाठी-डंडों व फरसे से इन सभी लोगों पर भी हमला कर दिया। इसमें रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया था। उपचार के दौरान रिंकू की मौत हो गई।