नगर पुलिस और सभासद द्वारा रेप पीड़िता की अस्मत का सौदा डेढ़ लाख में कराने का फैसला बुधवार को विफल हो गया। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद पीड़िता ने फैसले को ठुकरा दिया। युवती के भाई ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस बृहस्पतिवार दोपहर कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज कराने की बात कह रही है। युवती के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 12 मार्च को विवेक पुत्र कमल सिंह उसकी बहन को बहला-फुसलाकर ले गया था। आरोपी ने युवती को आगरा के एक होटल में बंधक बनाकर हत्या की धमकी देकर रेप किया।
14 मार्च को युवती के परिजनों ने उसको आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद एक सभासद और कुछ पुलिस ने आरोपियों का पक्ष लेते हुए युवती के परिजनों पर फैसला करने को दबाव बनाया। युवती के परिजनों को डरा-धमकाकर डेढ़ लाख रुपये में उसकी अस्मत का फैसला भी कर दिया।
इसके साथ ही पुलिस ने बलात्कार के आरोपी को छोड़ दिया था। फैसले की रकम 24 मार्च को देना तय हुआ था। अमर उजाला ने इस समाचार को 15 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इससे पीड़ित युवती को हिम्मत मिली और वह अपनी शिकायत लेकर डीएम आवास जा पहुंची।
इससे पहले ही डीएम और एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस से जवाब मांग लिया था। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने तत्काल आरोपी के खिलाफ रेप की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
नगर कोतवाल पोसीराम शर्मा ने बताया कि आरोपी विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बृहस्पतिवार दोपहर पीड़िता के कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आरोपी पार्षद लोकलाज और फजीहत से खुद का बचाव करता घूम रहा है। अब वह पीड़ित युवती के साथ होने और आरोपी से कोई वास्ता न होने की बात कह रहे हैं।