कोतवाली देहात पुलिस ने मोटी रकम के लालच में हाईवे पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप के मामले में आरोपी रईसुद्दीन उर्फ रईस के जमानतियों को अयोग्य ठहराकर अपनी रिपोर्ट कोर्ट भेज दी। इस पर जमानतियों ने बृहस्पतिवार दोपहर शपथ पत्र के साथ कोर्ट में पेश होकर थानेदार और थाने के मुंशी पर जमानतियों को धमकाने और मोटी रकम मांगने का गंभीर आरोप लगाए।
मामला संज्ञान में आने पर एसपी सिटी ने थानेदार को जमकर लताड़ लगाई और सही वेरीफिकेशन करके रिपोर्ट कोर्ट में भेजने को कहा। बता दें कि 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी। पुलिस ने एक अगस्त 2016 को आरोपी रईस, जबर सिंह और शाबेज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसके बाद नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी सलीम, परवेज और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी गई थी। एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों रईस, जबर सिंह और शाबेज की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बीते बृहस्पतिवार को जमानत याचिका दाखिल की थी।
बीते शनिवार को कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए दो-दो लाख के दो-दो जमानती दाखिल करने पर जमानत दिए जाने का आदेश दिया था। सोमवार दोपहर आरोपियों की ओर से दो-दो लाख के दो-दो जमानती दाखिल किए थे।
रईस उर्फ रईसुद्दीन की ओर से सुतारी निवासी आरिफ पुत्र फजर खां और इसराईल पुत्र नूर मोहम्मद ने जमानत दी जिनकी तस्दीक कराने के लिए कोर्ट ने पुलिस के पास प्रपत्र भेजे। अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बताया कि कोतवाली देहात में तैनात एक मुंशी ने आरिफ व इसराइल से 1500 रुपये मांगे।
रुपये लेने के बाद भी मोटी रकम की मांग की। मांग पूरी न होने पर पुलिस ने कोर्ट को भेजी रिपोर्ट में कहा कि गांव के लोगों ने दोनों को जमानत देने में सक्षम नहीं बताया। थानेदार ने दोनों को धमकी देकर जमानत देने से मना किया। जबकि गांव के प्रधान ने जमानतियों के पक्ष में लिखकर दे दिया था।
अधिवक्ता ने जब एसपी सिटी मान सिंह चौहान से शिकायत की तो उन्होंने थानेदार को जमकर लताड़ लगाई। एसपी सिटी ने जमानत के प्रपत्रों की सही तस्दीक कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए।