रामनगर गुलमा गांव में नव निर्मित दीवार मिट्टी का लेपन करते समय गुरुवार शाम को अचानक ढह गई। मलबे में दबकर मां-बेटे की मौत हो गई। हादसे में पिता-पुत्र घायल हो गए हैं। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत रामनगर गुलमा गांव निवासी ननकू ने हाल ही में कच्चे मकान में नई दीवार का निर्माण करवाया था। गुरुवार शाम को ननकू तालाब से चिकनी मिट्टी लेकर आया था। शाम को वह अपनी पत्नी ननकी (35) के साथ दीवार में मिट्टी का लेपन कर रहा था। पास में ही तीन वर्षीय पुत्र लवकुश औैर छह वर्षीय संतोष खेल रहे थे।
अचानक मिट्टी की दीवार भरभराकर ढह गई। पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और सभी लोगों को बाहर निकाला। हादसे में लवकुश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। ननकी, ननकू और संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के लोगों ने आनन-फानन में पति-पत्नी और संतोष को पीएचसी बाबागंज में पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दंपती की हालत नाजुक देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही ननकी ने भी दम तोड़ दिया।
पति ननकू और पुत्र संतोष का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना पाकर थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने मौके का मुआयना किया है। उन्होंने बताया कि मां-बेटे के शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।