हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में चौतरफा फंसी पुलिस अब मुश्किलों में घिरती दिख रही है। जहां दो आरोपियों को रिमांड पर लेने पर भी पुलिस को सातों आरोपियों के बीच का कनेक्टिंग लिंक नहीं मिल सका है वहीं इस कांड का सातवां आरोपी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। पुलिस की टीमें दिनरात उसकी तलाश में चार प्रदेशों में छापे मार रही है।
29 जुलाई की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के बाद 31 जुलाई को पुलिस ने रईस, शावेज और जबर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इशके बाद नौ अगस्त को आईजी ने तीन अन्य आरोपियों सलीम, परवेज और साजिद को गिरफ्तार कर मामला खोल दिया था।
तब फाती नाम का सातवां आरोपी फरार बताया गया था। खुलासे के हफ्तेभर बाद भी पुलिस फाती का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। हालांकि अफसर फाती की तलाश में चार प्रदेशों में छापेमारी की बात कह जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।
सीबीआई टीम आने की चर्चा
बुलंदशहर। हाईवे पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप के मामले की जांच करने सीबीआई की टीम के आने की चर्चा से मंगलवार को दिनभर पुलिस विभाग में हड़कंप मचा रहा। मंगलवार को दिनभर अफवाह रही कि सीबीआई टीम जनपद में आ चुकी है।
कुछ देर ठहरने के बाद वह घटना स्थल पर जाकर निरीक्षण करेगी। इस संबंध में जब पुलिस के उच्चाधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि सीबीआई टीम आने की कोई जानकारी नहीं है।
विवेचना कौन करेगा?
शहर को आरके सिंह की जगह नया कोतवाल तो मिल गया लेकिन हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप मामले की विवेचना करने वाले अधिकारी के बारे में एसएसपी ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है। 29 जुलाई को हाईवे -91 पर हुई सनसनीखेज वारदात में गिरफ्तार तीन प्रमुख आरोपियों की शिनाख्त परेड भी अभी तक नहीं हो सकी है।
साथ ही पुलिस ने अभी तक रईस का रिमांड भी नहीं मांगा है। माना जा रहा है कि अब जांच को सीबीआई ही आगे बढ़ाएगी। इस बारे में एसएसपी अनीस अहमद अंसारी का कहना है कि जल्द ही एक विवेचक नियुक्त किया जाएगा।
राजवर्धन गौड़ को मिला चार्ज
गैंगरेप कांड के विवेचक आर सिंह की जगह एसएसपी ने डीसीआरबी प्रभारी राजवर्धन गौड़ को नगर कोतवाली का चार्ज सौंपा है। आरके सिंह को खून से मुख्यमंत्री को खत लिखने के मामले में बहनों से अभद्रता के आरोप में सस्पेंड किया गया था।