बिजली कर्मी की मौत के बाद अफसरों की उदासीनता के खिलाफ कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। शिकारपुर खंड के सभी बिजलीघरों के संविदाकर्मी हड़ताल पर उतर आए। बुधवार से जिलेभर के संविदाकर्मियों ने हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। कर्मियों की हड़ताल से अफसर हरकत में आ गए हैं।
सोमवार को जहांगीराबाद क्षेत्र के रोंडा बिजलीघर पर तैनात संविदाकर्मी सतपाल की करंट से मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग को जाम कर दिया था। तब अफसरों ने उचित मुआवजे का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। मंगलवार को एक्सईएन शिकारपुर ने नियमानुसार दो लाख रुपये का चैक परिजनों को देने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने चैक लौटा दिया।
आरोप है कि अफसरों ने पांच लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन चैक दिया जा रहा था महज दो लाख का। इसके साथ ही कोई अफसर परिजनों की सुध लेने भी नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए शिकारपुर खंड के सभी संविदा बिजली कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को सभी बिजलीघरों से कर्मियों ने काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी।
संविदाकर्मी यूनियन ने बुधवार से जिलेभर के बिजलीकर्मियों की हड़ताल का ऐलान कर दिया है। हड़ताल से अफसर भी हरकत में आ गए हैं। बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म करने के लिए माथापच्ची शुरू हो गई है।