कस्बे में बुधवार की देर शाम मुख्य बाजार स्थित एक मदरसे में माइक लगाकर जैसे ही अजान लगाई गई तभी हिंदू संगठनों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोनों संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मामले की सूचना पर कई थानों की पुलिस सहित एसडीएम ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।
एसडीएम ने माइक बंद करा मामले को जैसे-तैसे कर शांत किया। मदरसे को मस्जिद का दावा करने वाले मुस्लिम संगठनों से एसडीएम ने बैनामे के कागज दिखाने का आदेश दिया है। कस्बे के मुख्य बाजार में एक मदरसा बना हुआ है। बुद्धवार की देर शाम इस मदरसे में एक माइक लगाकर अजान लगानी शुरू कर दी गई।
जैसे ही माइक पर अजान की आवाज कस्बे में गूंजी तो माहौल बिगड़ गया। मदरसे को मस्जिद का रूप देने पर हिंदू संगठनों में रोष पनप गया। कुछ की देर में सैकड़ों की संख्या में हिंदू मदरसे पर पहुंच गए तथा मदरसे को मस्जिद का रूप देने पर रोष व्यक्त करने लगे। लोगों का कहना था कि मदरसे को जान-बूझकर मस्जिद का रूप देकर गांव में संप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश की जा रही है।
मदरसे में बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए। नियमानुसार किसी भी मदरसे में माइक नहीं लगाया जा सकता जबकि कस्बे के इस मदरसे में माइक लगाकर अजान दी जा रही है। मदरसे को मस्जिद का रूप दिया जा रहा है जो गलत है। मामले को बढ़ता देख दोनों संप्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
सूचना पर थाना नरसेना सहित कई थानों की पुलिस, एसडीएम हिमांशू गुप्ता तथा सीओ चितरंजन चौहान मौके पर पहुंच गए। आला अधिकारियों ने मामले को शांत करने के लिए दोनंां पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हिंदू संगठन मदरसे को बदल मस्जिद का रूप देने पर नाराजगी व्यक्त करते रहे तथा तत्काल माइक को बंद करने की मांग पर अड़ गए।
मामले को बढ़ता देख एसडीएम हिमांशू गुप्ता ने तत्काल मदरसे के माइक को बंद कराया। मुस्लिम संगठनों का दावा था कि यह मस्जिद है तथा इसका बैनामा है। बैनामा की बात कहने पर एसडीएम ने कागज दिखाने को कहा तो मुस्लिम संगठन कोई भी कागज नहीं दिखा पाए। फिलहाल हिमांशू गुप्ता ने माइक बंद मामले का शांत कर दिया है।
साथ ही मस्जिद के कागज दिखाने का आदेश दिया है। माइक बंद करने पर हिंदू संगठन शांत हो सके।