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अब सलीम बावरिया संग परवेज भी निशाने पर

Wed, 03 Aug 2016 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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हाईवे पर रोड होल्डअप कर मां-बेटी से गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना सलीम बावरिया के साथ परवेज को भी तलाश रही है। इस गैंग के सदस्यों में दोस्ताना ताल्लुकात बताए जा रहे हैं। परवेज को सलीम का खास दोस्त है।
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परवेज पिछले कुछ सालों से मेरठ में रह रहा था। मामला मीडिया में हाईलाइट होने के बाद फरार साथी अंडर ग्राउंड हो गए हैं। राजस्थान के भरतपुर निवासी सलीम बावरिया गैंग के सदस्यों ने हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने रईस, शावेज और जबर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक, हापुड़ निवासी शावेज ने पुलिस को पूछताछ में सलीम और परवेज का नाम बताया था। सलीम बावरिया गैंग का लीडर है और उसी ने ‘क्राइम टूर’ के तहत वारदात को अंजाम दिया था।
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शावेज के मुताबिक, सलीम राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला है और परवेज पिछले कुछ सालों से मेरठ में रह रहा था। कुछ माह पहले सलीम ने ही शावेज की परवेज से मुलाकात कराई थी। बताते हैं कि परवेज निवासी मेरठ सलीम के गैंग का बेहद शातिर और पुराना बदमाश है।

दोनों मिलकर पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के कई जिलों में कई संगीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इन वारदातों में हत्या, गैंगरेप और लूटें शामिल हैं। बता दें कि पुलिस ने जिन तीन बदमाशों को शिनाख्त के आधार पर गिरफ्तार करके जेल भेजा है उनमें जबर सिंह, रईस और शावेज शामिल हैं। पुलिस को जबर सिंह की पत्नी से बावरिया गैंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उनके आधार पर पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस
गैंगरेप में शामिल दरिंदों को पुलिस रिमांड पर लेगी। गैंगरेप कांड की तफ्तीश कर रहे पुलिस अफसर ने रिमांड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिमांड की अवधि में पुलिस दरिंदोें से उनके बाकी साथियोें का पता लगाएगी।

बता दें कि शुक्रवार की रात नोएडा से शाहजहांपुर जाते समय एनएच-91 पर दोस्तपुर के पास आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने परिवार के पुरूष सदस्योें को बंधक बनाकर मां और उनकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया था।

24 घंटे के भीतर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया और कोर्ट ने दरिंदों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, पुलिस वारदात के राज उगलवाने के लिए दरिंदों को तीन दिन की रिमांड पर लेगी। एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि रिमांड की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही बदमाशों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

संवेदनशील बंदियों में हैं जेल में बंद तीनों आरोपी
हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप और लूटपाट के मामले में जेल गए रईस, शाबेज और जबर सिंह को संवेदनशील बंदियों की श्रेणी में रखा गया है। तीनों को नए बंदियों की बैरक में रखा गया है। फिलहाल तीनों से परिवार के सदस्यों को ही लाल पर्ची पर मिलने दिया जा रहा है।

जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को संवेदनशील बंदियों की श्रेणी में रखा गया है। तीनों से सिर्फ ब्लड रिलेशन वाला ही व्यक्ति मिल सकता है। मिलाई करने वालों से लाल पर्ची भरवाकर आईडी प्रूफ मांगा जाता है। आईजी की जांच के बाद ही मिलने की अनुमति दी जा रही है। साथ ही तीनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

तेज तर्रार अफसर करेंगे दरिंदों की ‘धरपकड़’
वेस्ट यूपी के तेज तर्रार पुलिस अफसर फरार दरिंदों की धरपकड़ करेंगे। मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा की एसटीएफ और एसओजी दरिंदों को ढूंढने के लिए लगाई गई हैं। बता दें आधा दर्जन से अधिक दरिंदों में से महज तीन को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला गया है।

बाकी दरिंदों का अभी भी सुराग नहीं लगा है। एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने कहा कि इस मामले को खुद आईजी और डीजीपी देख रहे हैं। इसलिए दरिंदोें को पकड़ने के लिए बेहत से बेहतर सोर्स का प्रयोग किया जा रहा है। एसएसपी का दावा है कि जल्द ही शेष बदमाशों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है।

मामला मीडिया में उजागर होने के बाद बावरिया गैंग के सदस्य छिप गए हैं। टीमें उन्हें पकड़ने में लगी हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। - लक्ष्मी सिंह,डीआईजी
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