खुलासे की जल्दबाजी में पुलिस हर कदम पर गलती कर रही है। हापुड़ के दहपा से जिस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस को उसका असली नाम भी पता नहीं है। डीआईजी ने कई बार कांफ्रेस में उसका नाम साबिज पुत्र आस मोहम्मद बताया था, लेकिन उसका असली नाम जावेद पुत्र आस मोहम्मद है।
पुलिस की एफआईआर में भी साबिज ही दर्ज है। जबकि असली नाम का खुलासा उसकी वोटर आईडी कार्ड और परिवार ने किया है। पुलिस के खुलासे पर सैकड़ों सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जिस गिरफ्तार आरोपी को साबिज पुत्र आस मोहम्मद बात रही है। उसका असली नाम जावेद पुत्र आस मोहम्मद है।
वह दहपा के हिम्मतनगर गांव का रहने वाला है। उसके परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उसे दो दिन पहले रात एक बजे घर से उठाया है। पुलिस ने उसके छोटे कादिर को उठाया था और बाद में छोड़ दिया था। जावेद आठ भाई हैं और उनमें किसी नाम साबिज नहीं है।
अब सवाल उठता है कि पुलिस जावेद को साबिज क्यों बता रही है। पुलिस का कहना है कि गैंगरेप बावरिया गैंग ने किया है। तो फिर जावेद तो अपने परिवार के साथ कई सालों से हिम्मतनगर में रह रहा है।
उसका का वोटर आईडी भी है। उसके परिवार के रहन-सहन की शैली भी बावरिया जैसी नहीं है। उधर, जावेद की मां फैदिया का कहना है कि दो दिन पहले जब पुलिस वाले घर आए तो उन्होंने पूरे परिवार से मारपीट की थी।