रोजाना दर्ज होने वाली एफआईआर में लगने वाली धाराओं में खेल करने वाली पुलिस मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में भी खेल करने से नहीं चूकी। शुरू से ही सवालों के कटघरे में खड़ी पुलिस ने दर्ज एफआईआर में ही खेल कर दिया। मामला मीडिया में उजागर होने के बाद कंप्यूटर से निकली चिक में पक्की पैंसिल से गंभीर धाराओं को बढ़ाया।
अब नए एसएसपी जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। शुक्रवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-91 पर कोतवाली देहात के दोस्तपुर गांव के निकट बदमाशों ने हथियारों के बल पर एसेंट कार द्वारा नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे दो परिवारों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने न केवल लूटपाट की बल्कि नाबालिग बेटी और उसकी मां से हाईवे किनारे गैंगरेप किया।
शनिवार सुबह पुलिस ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने आईपीसी की धारा 395, 397 में एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर की कॉपी जब मीडिया के हाथ लगी तो सिर्फ दो धाराएं कंप्यूटर से प्रिंट थीं।
376डी और 4 पॉस्को एक्ट को पक्की पैंसिल से बाद में जोड़ा गया था। इससे साफ पता चलता है कि पुलिस किसी भी मामले को गंभीरता से नहीं लेती। पूरी लापरवाही पर नए एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने कहा कि प्रिंटर से गड़बड़ी हुई होगी। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।