फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजिस्ट्रियल जांच शुरू,आरआई से मांगी रिपोर्ट

Thu, 25 Aug 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
क्राइम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पुलिस लाइन में गोलीकांड की मजिस्ट्रियल जांच डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने शुरू कर दी है। डीएम ने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भी जारी किया है। आरआई अखिलेश यादव को पत्र भेजकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश डीएम ने दिया है। 31 अगस्त तक गोलीकांड के क्रम में बयान दर्ज कराने होंगे। दूसरी ओर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने भी अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पुलिस घटना के वक्त मौजूद चश्मदीदों की तलाश कर रही है। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र के मुताबिक आरआई को बताना होगा कि किन हालातों में पुलिस लाइन में खूनी खेल खेला गया। यह भी बताना होगा कि यह परिस्थिति अचानक बनी या प्लानिंग के तहत सब कुछ हुआ। भविष्य में ऐसा न हो, इस सबंध में डीएम को रिपोर्ट देनी होगी।

आरआई को पुलिस लाइन में हुए गोलीकांड की रिपोर्ट 31 अगस्त से पहले सौंपनी होगी। दूसरी ओर एफआईआर दर्ज होने के बाद एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने भी जांच शुरू कर दी है। विवेचक नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने बताया कि आरोपी सौरभ की भले ही मौत हो गई हो, लेकिन विवेचना पूरी की जाएगी। विवेचना के दौरान वादी समेत लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही मेरठ में इलाज करा रहे चंदरपाल और मनवीर के भी बयान लिए जाएंगे।
विज्ञापन


वीडियोग्राफी के लिए 15 मिनट रोका था पोस्टमार्टम
साक्ष्य के तौर रखने के लिए वीडियोग्राफी कराने को आरक्षी सौरभ त्यागी का पोस्टमार्टम बीच में रोका गया था। अफसरों के आदेश पर पोस्टमार्टम 15 मिनट रुकने के बाद वीडियोग्राफी कराकर पूरा कराया गया था। पुलिस ने ऐसा इसलिए किया कि कहीं सौरभ का परिवार कोर्ट चला गया और पुलिस पर उसके एनकाउंटर का आरोप लग सकता है।

ऐसी स्थिति में पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी काफी अहम होगी।
पुलिस लाइन में हुए शूटआउट में मनोज यादव और सौरभ त्यागी की मौत हुई थी। जिला अस्पताल में पहले मनोज यादव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद सौरभी त्यागी का पोस्टमार्टम कराया जाने लगाया, जिसकी वीडियोग्राफी नहीं कराई गई।

इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस विभाग के आला अफसरों को हुई तो उन्होंने आनन-फानन में सीएमओ से कहकर पोस्टमार्टम रुकवाया। पोस्टमार्टम रुकवाने का कारण था कि कहीं सौरभ त्यागी का परिवार कोर्ट चला गया और उसने पुलिस पर सौरभ के एनकाउंटर का आरोप लगा दिया तो लेने के देने न पड़ जाएं।

पुलिस ने वीडियोग्राफी कराने के लिए 15 मिनट तक पोस्टमार्टम प्रकिया को रुकवाए रखा। वीडियोग्राफी होने के बाद ही सौरभ का पोस्टमार्टम किया जा सका। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस इस मामले में अपनी फजीहत नहीं कराना चाहती। सौरभ ने खुद को गोली मारी, इसकी पुष्टि सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही संभव है। ऐसे में यदि बिना वीडियोग्राफी के पोस्टमार्टम कराया जाता तो यह भी आरोप लग सकता था कि पुलिस ने जान-बूझकर वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कराई।

मनोज की पत्नी को मिल सकती है नौकरी
बुलंदशहर। पुलिसलाइन में गोलीकांड का शिकार शहीद मनोज यादव की पत्नी को विभागीय व्यवस्थाओं के तहत सरकारी योजनाओं को लाभ मिल सकता है। शहीद की पत्नी को नौकरी और आर्थिक मदद भी मिल सकती है। इस संबंध लिखत-पढ़त शुरू हो गई है। दो दिन पूर्व पुलिसलाइन में अवसाद का शिकार सौरभ त्यागी ने गोलिया बरसा कर सिपाही मनोज यादव को मार दिया था।

इस हादसे में दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। बाद में सौरभ ने खुद को भी गोली से उड़ा दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहीद मनोज यादव की पत्नी को आर्थिक मदद के साथ मृतक आश्रित कोटे में नौकरी में मिल सकती है।

स्पेशलिस्ट बताएंगे कितने पास से मारी गोली
वीडियोग्राफी में यह सब आया है कि गोली कितनी दूरी से मारी गई। गन और सौरभ के बीच क्या फासला था। गोली चलने का एंगल और शरीर के हिस्से धंसने का एंगल सभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीडियोग्राफी में विशेषज्ञ डॉक्टरों चेक किया। प्रशासन ने इसकी वीडियाग्राफी अपने पास सेव कर ली है।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें