अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम पीठासीन अधिकारी मोहनलाल विश्वकर्मा के न्यायालय ने पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पति ने तीन साल पहले अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की फंदे पर लटका कर हत्या कर दी थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि थाना खुर्जा देहात के गांव किर्रा निवासी गिरधारी लाल पुत्र राजाराम ने कोतवाली खुर्जा नगर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बेटी सोनम का विवाह लाला उर्फ जुगेंद्र पुत्र मानसिंह निवासी गांव मौजपुर के साथ की थी।
ससुरालीजन शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। ससुराल के लोग अतिरिक्त दहेज में बाइक व 100 गज का प्लाट मांगते थे। मांग पूरी न होने पर सोनम को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे।
गिरधारी लाल ने पुलिस को बताया था कि 1 जुलाई 2012 की शाम 7 बजे सूचना मिली कि सोनम को फंदे पर लटकाकर मार डाला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस को सुना। जिसके बाद पति लाला उर्फ जुगेंद्र को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही कोर्ट ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने अन्य आरोपी धर्मसिंह, अशोक, रामा देवी और सीमा देवी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।