बेटी का समझौता कराने उसके गाजियाबाद के मसूरी स्थित ससुराल गए बाप को उसके दामाद ने गोली मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी मिलने के बाद जंक्शन क्षेत्र के गांव असगरपुर में मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग देर शाम गाजियाबाद रवाना हो गए।
असगरपुर निवासी तालिब (40) ने दो साल पूर्व अपनी बेटी जासरीन की शादी दो साल पहले गाजियाबाद के विजयनगर सुदामापुरी निवासी अब्दुल कलाम से की थी।
इनके छह माह की बेटी आमरीन है। साजरीन ने बताया कि पति दहेज में पांच लाख रुपये और कार की डिमांड कर रहा था, मायके वालों ने मना किया तो वह उसे प्रताड़ित करता था।
पति की प्रताड़ना से परेशान होकर वह पिछले पांच माह से मायके में रह रही है। मंगलवार को उसके पिता तालिब ने पति अब्दुल और ससुर जाफर को सुलह करने के लिए जाकिर कॉलोनी में अब्दुल के चाचा साबर के घर बुलाया था।
पुलिस ने बताया कि शाम साढे़ छह बजे तालिब पत्नी जेरुनिशां, साबर अली, जुल्फिकार और कॉलोनी के ही भूरे के साथ बैठे हुए थे।
इस दौरान कार में अब्दुल कलाम पिता जाफर अली और एक साथी के साथ आया। अब्दुल ने आते ही चारपाई पर बैठे तालिब अली को गोली मार दी।
वारदात के बाद वह पिता के साथ कार से भाग गया। आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सीओ सदर ने परिवार को आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वारदात से परिवार गमजदा है। बुलंदशहर से परिवार के लोग देर रात को बड़ी संख्या में जाकिर कॉलोनी पहुंचे।
‘बेटी हुई तो बढ़ गई पति की प्रताड़ना’
साजरीन की मानें तो पति शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करता था, मगर जब उसे बेटी हुई तो उसके बाद से पति की प्रताड़ना और बढ़ गई।
उसका ससुराल में रहना दुश्वार हो गया। पति बेटा चाहता था। परेशान होकर वह मायके आ गई थी। उसके पिता दोनों में सुलह कराने की कोशिश कर रहे थे।