खानपुर थाना क्षेत्र में 17 साल पहले अवैध संबंधों में बाधक बने पति की हत्या के मामले में कोर्ट ने पत्नी समेत तीन लोगों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश चंद गुप्ता के न्यायालय ने दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि वादी इजलाल खां पुत्र शकीर अहमद निवासी गिरौरा ने बताया कि निकाह के बाद से ही अफसर की ससुराल वाले अनीस पुत्र अजीज, वरीस व शब्बन पुत्र अजीज खां व शमसाद पुत्र रहमतुल्ला निवासी चंदियाना आए दिन अफसर को परेशान करने लगे।
अफसर की पत्नी को उसके साथ नहीं भेजते थे। वह भजनपुरा में अपनी बहन मसरूरा के पास रुका हुआ था। 20 अक्तूबर 1999 को वहां से उसका साढू शमशाद धोखे से बुलाकर ले गया। इसके बाद उसकी हत्या शमशाद अनीस, वरीस व शब्बन तथा वसाबतून ने गला दबाकर कर दी। पुलिस को विवेचना के दौरान अफसर की जेब से हस्तलिखित एक पर्ची मिली।
अभियोजन पक्ष ने वादी सहित 12 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। कोर्ट ने शब्बन खां, वरीस अहमद खां तथा वसाखतून को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।