पुलिस ने 24 घंटे में ही ककोड़ के हसनपुर बकसवा स्थित बूचा बाबा आश्रम के पुजारी कुंवरपाल उर्फ कुम्मन की हत्या का खुलासा कर दिया। उसकी हत्या रिटायर्ड लेखपाल ने अपने साथी के साथ मिलकर की थी।
कारण आश्रम की जमीन थी जिसपर आरोपी कब्जा करना चाहता था। हालांकि गिरफ्तार होने के बाद उसने बताया कि शराब पीकर गाली देने पर उसने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या की।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि हसनपुर बकसवा स्थित बूचा बाबा आश्रम के पुजारी कुंवरपाल उर्फ कुम्मन (70) की रविवार रात अज्ञात लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वैर निवासी वीरपाल सिंह ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सीओ सिकंदराबाद डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सोमवार शाम सूचना मिली कि पुजारी की हत्या में शामिल दो लोग भौरा गांव के पास सुखवीर के ढाबे के पास खड़े हैं। टीम ने घेरकर रिटायर्ड लेखपाल प्रेमपाल पुत्र मुरारी और अमर पुत्र देवेंद्र निवासी गांव हसनपुर बकसवा को गिरफ्तार कर लिया।
एसओ ककोड़ कौशलेंद्र यादव ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर दिया। साथ ही बताया कि पुजारी बाबा शाम को शराब पीकर अक्सर उनके साथ गाली-गलौच करते थे। पहले भी पुजारी बाबा से उनकी इस बात को लेकर कई बार मारपीट हो चुकी थी।
रविवार शाम को भी आरती समाप्त होने के बाद पुजारी बाबा ने शराब पी रखी थी। वह उनके साथ गाली-गलौच कर रहे थे। उस समय प्रेमपाल और अमर ने भी शराब पी रखी थी। पुजारी बाबा से गाली देने के लिए मना किया, लेकिन वह नहीं माने। दोनों ने गुस्से में आकर पुजारी को लाठी-डंडों व लात-घूसों से मारपीट कर दी। बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हालांकि ग्रामीण बताते हैं कि आश्रम के नाम पर करीब 42 बीघा जमीन आश्रम से सटी हुई थी। उस जमीन से लगी रिटायर्ड लेखपाल की 20 बीघा जमीन थी। जिसे प्रेमपाल कब्जाने की नाकाम कोशिश करता था। पुजारी उसका आए दिन विरोध करता था।
प्रेमपाल ने अमर को लालच देकर हत्या की योजना बनाई और पुजारी को मौत के घाट उतार दिया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।