वांछित व पांच हजार के इनामी दीपक खालौर को पकड़ने गई पुलिस की टीम पर बृहस्पतिवार को हुए हमले के मामले में पुलिस ने 15 लोगों को नामजद कर 65 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह एफआईआर बृहस्पतिवार को बंधक बने कस्बा चौकी प्रभारी दरोगा संजय कुमार ने दर्ज कराई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी दीपक खालौर समेत चार को शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया।
बलवाइयों में एक पुलिस मित्र भी शामिल है। वहीं पुलिस अब तक दरोगा का मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है।
बता दें कि जानलेवा हमले के मामले में पिछले नौ माह से फरार चल रहे कुख्यात दीपक खालौर को गुरुवार सुबह पकड़ने गई पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था।
दीपक को गिरफ्तार करने पर उसके समर्थकों ने एक दरोगा को बंधक बना लिया और उसकी सर्विस रिवॉल्वर व मोबाइल छीन लिया। ग्रामीणों ने दरोगा को बचाने गई कई थानों की पुलिस टीम पर पथराव भी कर दिया। पुलिस ने दरोगा को मुक्त कराकर सर्विस रिवॉल्वर बरामद कर ली। लेकिन उसका मोबाइल नहीं ढूंढ सकी।
पुलिस टीम पर लगाए गंभीर आरोप
शुक्रवार को गांव खालौर की कुछ महिलाएं एसएसपी ऑफिस पहुंचीं। आरोपी दीपक की मां राजवती देवी पत्नी दिनेश चंद शर्मा ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में कहा गुरुवार को उसके घर दरोगा और पुलिसकर्मियों ने एक लड़की से छेड़छाड़ की।
विरोध करने पर दरोगा ने पिस्टल से जान से मारने की नियत से कई फायर किए। दरोगा ने ग्रामीणों को देखकर एक कमरे बंद होकर अंदर से कुंदी लगा ली। महिला ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की।
गिरफ्तारी के डर से भागे ग्रामीण
इस प्रकरण को लेकर दूसरे दिन भी पुलिस ने अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी। लेकिन पकड़े जाने के डर से लोग गांव से पलायन कर गए।
पुलिस टीम को मिलेगा पांच हजार
बृहस्पतिवार देर रात एसपी देहात पंकज पांडेय ने पीड़ित पुलिसकर्मियों से घटना के बाबत जानकारी ली। उन्हें विषम परिस्थितियों में भी वांछित दीपक खालौर को दबोचने पर उन्हें शाबासी दी।
एसपी देहात ने कहा कि इस टीम के सदस्यों को एसएसपी द्वारा घोषित पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
दरोगा को जबरन पिलाने की कोशिश
ग्रामीणों की ओर से बंधक बनाए दरोगा संजय ने बताया कि पुलिस मित्र राकेश और अन्य लोगों ने बलवे के समय उनके मुंह में जबरन शराब उड़लने की कोशिश की।
विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार कर मारपीट भी की। इसके बाद भी सफलता नहीं मिली तो आरोपी उन्हें गाली देने से भी बाज नहीं आए।