कर्ज के बोझ से दबे व्यापारी ने लूट की ऐसी कहानी गढ़ी कि कोतवाल से लेकर कप्तान तक रातभर दौड़ते रहे। आधी रात तक पुलिस लूट की जांच में जुटी रही। जांच में मामला फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। इसके बाद व्यापारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
क्षेत्र के गांव दनौरा निवासी विजय कपासिया सहकारी नगर पर रोड़ी-बदरपुर का काम करता है। पिछले कई सालों से उसका काम ठप चल रहा था। काम ठप होने से विजय के ऊपर काफी कर्ज भी हो गया। कर्ज से परेशान विजय ने लूट की ऐसी कहानी रची कि पुलिस कप्तान भी रातभर जांच में जुटे रहे।
सोमवार रात करीब 10.15 पर विजय नई मंडी पुलिस चौकी पर लहूलुहान हालत में पहुंचा। विजय ने बताया कि लुटेरों ने जुलेपुरा के पास बंदूक की बट मारकर उससे 10 लाख रुपये लूट लिए। चौकी प्रभारी ने लूट का मैसेज तत्काल वायरलेस पर चला दिया।
थोड़ी ही देर में कोतवाल से लेकर कप्तान तक मौके पर पहुंच गए। गहनता से छानबीन की गई। विजय ने पुलिस को बताया कि वह यह पैसे अपने भाई से लाया है और अलीपुर के पूर्व प्रधान को देने थे। पुलिस ने दोनों को तत्काल पूछताछ के लिए बुला लिया, लेकिन दोनों ने ही इंकार कर दिया।
इसके बाद विजय काफी देर तक पुलिस को बरगलाता रहा। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी का मेडिकल कराया तो वह शराब के नशे में धुत मिला। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि विजय पर काफी कर्ज था। नई मंडी चौकी प्रभारी उदयवीर मलिक ने बताया कि अलीपुर के प्रधान के भी उस पर पैसे थे।
पंचायत में तय हुआ था कि पैसों के बदले वह उतनी कीमत की अपनी जमीन उसके नाम करेगा। मंगलवार को बैनामा होना था। इसलिए विजय ने लूट की झूठी कहानी रची। सोमवार शाम वह शराब पीकर बाइक से गिर गया था, जिसके कारण उसे चोट लगी। इसी का फायदा उठाकर उसने लूट की कहानी गढ़ी। पुलिस ने विजय कपासिया के खिलाफ धारा 151 में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।