जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में 8 साल पहले हुई ऑनर किलिंग के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीता सिंह ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वादी नत्थी सिंह की बहन कस्तूरी की ससुराल अहार थाना क्षेत्र के गांव मोहरसा में है।
नत्थी सिंह का लड़का ह्द्रेश अपनी बुआ कस्तूरी के पास कभी-कभी मोहरसा मिलने जाता था। गांव मोहरसा में प्रवेश कुमार और जानकी ह्द्रेश पर अपनी लड़की अलका के साथ प्रेम संबंध होने का शक करते थे।
2 जून 2008 को ह्द्रेश के मोबाइल पर प्रवेश का फोन आया। प्रवेश ने ह्द्रेश को मोहरसा बुलाया। मोहरसा पहुंचने पर ह्द्रेश व अलका को प्रवेश कुमार व जानकी देवी व गुल मोहम्मद पुत्र बाबू खां व दो अन्य आदमी लेकर गांव खंदोई के जंगलों में पहुंच गए।
शफीनगर के रास्ते पर रात 8 बजे पप्पू सिंह व गंगा प्रसाद ने देखा था। मुल्जिमों ने अलका व ह्द्रेश की हत्या कर जंगल में फेंक दिया। 3 जून 2008 की सुबह दोनों की शिनाख्त हुई।
मौके से आलाकत्ल, मोबाइल, प्रेमपत्र, शपथपत्र, डायरी, फोटो बरामद हुए। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा दी गई दलील तथा पेश किए गए गवाह-सबूतों का अवलोकन किया।
जिसके बाद तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अधिवक्ता राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने न्यायाधीश से तीनों को फांसी की सजा देने की मांग की थी।