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खनन से खोखली हो रही है गंगा

Wed, 15 Mar 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
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अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
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अनूपशहर तहसील प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से आहार रामसर साइट में खनन का गोरखधंधा खूब फलफूल रहा है। रामसर साइट में बालू खनन और जलीय जीवों का शिकार अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद गंगा के सुरक्षित कवर को खनन माफिया छलनी कर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने खनन अधिकारी से शिकायत की है।
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जिले में बालू खनन का किसी के पास वैध पट्टा नहीं है। इसके बावजूद आहार क्षेत्र में गंगा के दोनों ओर रामसर साइट में बालू खनन का धंधा जोरों पर चल रहा है। रामसर साइट में नरौरा, अहार, ऊंचागांव में रोजाना रात 10 बजे के बाद खनन शुरू हो जाता है।

खास यह है जिन अफसरों पर अवैध खनन की रोकने की जिम्मेदारी है, वहीं अवैध खनन का कारोबार के लिए पतवार का काम कर रहे हैं। तहसील प्रशासन और पुलिस अफसरों की शह पर खनन माफिया रामसर साइट को खोखला कर रहे हैं। प्रतिबंधित साइट पर रोजाना 100 से अधिक वाहनों की लोडिंग की जाती है।
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रात में बाकायदा जेसीबी और पॉकलैन मशीने रामसर साइट में उतर दी जाती है। सूत्राें का कहना है कि सिंडिकेट अफसरों की शह पर गंगा और पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस की 100 नंबर की गाड़ी के लिए भी रेट तय हैं।

आयकर की रडार पर खनन माफिया
जनपद में खनन माफिया आयकर की रडार पर आ गए हैं। आयकर अफसरों ने खनन अधिकारी से रॉयल्टी का रिकार्ड मांगा है। आयकर अफसरों के तेवर से खनन माफिया में हड़कंप है। अधिकांश खनन कारोबारी टैक्स चुकाए बगैर सालाना करोड़ों रुपये का व्यापार करते हैं।

कुछ भट्ठा व्यवसायी भी टैक्स चोरी के गोरखधंधाें में लिप्त हैं। खनन और भट्ठा कारोबारी आयकर विभाग से जानकारी छिपाकर टैक्स चोरी करते हैं। इसी के मद्देनजर आयकर विभाग ने खनन अधिकारी से मौजूदा वित्त वर्ष का रॉयल्टी का रिकार्ड मांगा है।
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शिकायत मिली है। रामसर साइट में खनन संबंधित फोटो भी मिले हैं।    खनन माफिया के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। -एदल सिंह,    खनन अधिकारी
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