बुखार अपने पांव पसार रहा है। एक के बाद एक गांव जानलेवा बुखार की चपेट में आ रहे हैं। चार लोगों की बुखार से अब तक मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं। जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लाइन लगी पड़ी है।
पहासू के करौरा, चोला क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर, वैर, सूबरा समेत कई गांवों में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जानलेवा बुखार की चपेट में आने से चार की मौत हो चुकी है। करौरा गांव में ही 250 से ज्यादा बीमार हैं। दर्जनभर से ज्यादा गंभीर है। बुखार का प्रकोप धीरे-धीरे अन्य गांवों में भी फैलता जा रहा है।
मौतों के बाद सीएमओ की नींद खुली और गांव में जिला मलेरिया अधिकारी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम भेजी गई। वहीं जिलेभर में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल की ओपडी में रोजाना औसतन 1500 से 1800 मरीज तक आ रहे हैं, जिसमें से करीब 800 मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं।
इसके अलावा जिले के अन्य सभी सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लाइन लगी हुई है।
पैसा डकार रहे हैं एएनएम-प्रधान
कीटनाशक दवाओं का पैसा एएनएम और प्रधान डकार रहे हैं तो ग्रामीण जानलेवा बुखार की चपेट में आ रहे हैं। हर साल प्रत्येक गांव में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए प्रधान-एएनएम के खाते में 10-10 हजार रुपये आते हैं, लेकिन यह पैसा प्रधान और एएनएम डकार जाते हैं। पहली किश्त 3300-3300 की जारी की जा चुकी है।