थाना क्षेत्र के सोंझना रानी गांव में उधार दिए रुपयों का तगादा करने पर आरोपी ने पूर्व फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी।
फिर शव को बुग्गी में डालकर पुआल से ढंककर गंगा में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात के दो माह बाद हत्या का खुलासा कर एक आरोपी को दबोचकर जेल भेज दिया है।
जबकि मुख्य हत्यारोपी दूसरे मामले में जमानत तुड़वाकर जेल पहुंच गया। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
इंस्पेक्टर नरसेना प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि सोंझना रानी गांव निवासी कुशलपाल (45) पुत्र हरकेश सिंह करीब 9 साल पहले फौज की नौकरी छोड़ चुका था।
22 अक्तूबर को कुशलपाल संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। इस संबंध में परिजनों ने 31 अक्तूबर को कुशलपाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस मामले में कुशलपाल के दोस्तों से पुलिस ने पूछताछ की। इसी दरम्यान संदेह होने पर पुलिस ने कुशलपाल के दोस्त चंदियाना निवासी शफीक पुत्र अहमद को पकड़ लिया।
आरोपी शफीक सोंझना रानी निवासी बृजलाल का बाग ठेके पर ले रखा है। सख्ती से पूछताछ में शफीक ने पुलिस को बताया कि कुशलपाल ने नंगला मदारीपुर निवासी दीपक को 50 हजार रुपये उधार दिए थे।
तगादा दीपक को नागवार गुजर रहा था। 22 अक्तूबर को दीपक ने फोन कर कुशलपाल को आम के बाग में बुलाया, जहां कुशलपाल ने दीपक और उसके दोस्त रोहित पुत्र धर्मा के साथ शराब पी।
शराब पीने के बाद कुशलपाल ने दोबारा तगादा कर दिया। इस बात पर गुस्साए दीपक और रोहित ने तमंचा निकालकर कुशलपाल के सीने में तीन गोलियां उतार दीं।
गोली की आवाज सुनकर शफीक मौके पर पहुंचा। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा। थोड़ी देर बाद एक नाबालिग भी मौके पर पहुंचा। जिसे डरा धमकाकर आरोपियों ने भगा दिया।
इसके बाद तीनों ने लाश को बुग्गी में पुआल से छिपाकर कर लाद लिया और गंगा में फेंक आए। पुलिस ने लाश तलाशने की कोशिश की लेकिन लाश नहीं मिली। पुलिस ने एक आरोपी शफीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।