अनूपशहर कोर्ट में पेशी के बाद पुलिसकर्मियों की आंख में मिर्च झोंककर फरार हुए पांच बंदियों में से चौथा बंदी अपने शरणार्थी सहित जहांगीराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 23 सितंबर को फरार होने के बाद वह जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव चांदौक में अपने परिचित के यहां छिप गया था। आईजी मेरठ जोन ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कुछ दिन पहले तीन बंदियों को फर्रुखाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक बंदी अभी भी फरार है। एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि 23 सितंबर को अनूपशहर कोर्ट में पेशी के बाद पुलिसकर्मियों की आंख में मिर्च झोंककर बंदी राजेश पुत्र धर्मवीर, रूपेंद्र उर्फ पैना पुत्र मंगलसेन, अजय पुत्र शेर सिंह, टीटू उर्फ किरनपाल पुत्र रेशमपाल, रवि उर्फ रविंद्र पुत्र महेंद्र सिंह फरार हो गए थे।
एसएसपी ने इन बंदियों पर पांच-पांच हजार और आईजी मेरठ जोन ने 15-15 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद आईजी दो अक्तूबर को फर्रुखाबाद पुलिस ने बंदी टीटू उर्फ किरनपाल पुत्र रेशमपाल, रूपेंद्र उर्फ पैना पुत्र मंगलसिंह और अजय पुत्र शेरसिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से राजेश पुत्र धर्मवीर और रवि उर्फ रविंद्र पुत्र महेंद्र सिंह फरार थे।
बृहस्पतिवार रात जहांगीराबाद पुलिस को सूचना मिली कि अनूपशहर कोर्ट से फरार हुए मुल्जिम राजेश पुत्र धर्मवीर ने गांव चांदौक निवासी सुमित पुत्र गेंदा सिंह के यहां शरण ले रखी है। टीम ने दबिश देकर राजेश और उसके शरणार्थी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस रवि उर्फ रविंद्र की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।