खुद नशे की गिरफ्त में फंसा अनोखे अपनी तलब पूरा करने के लिए नशे के इंजेक्शन का सप्लायर बन गया। हालांकि इसकी एवज में उसे महज 300 रुपये की मजदूरी मिलती थी। मेडिकल स्टोर संचालक अनोखे की कमजोरी का फायदा उठाकर उसे साइकिल से नशे का कारोबार कराने लगा।
पुलिस ने अनोखे को 35 नशे के इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया, जबकि मेडिकल स्टोर संचालक की तलाश जारी है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि कुछ दिन पहले नई मंडी चौकी क्षेत्र के मोहल्ला टांडा में नशे के इंजेक्शन बेचे जाने की सूचना पर पुलिस टीम को लगाया गया था। 10 मई की रात करीब 9.35 बजे गश्त के दौरान अनूपशहर अड्डा स्थित पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध व्यक्ति साइकिल से मिला।
तलाशी के दौरान उसके पास से दो डिब्बे मिले। जिनमें 35 नशे के इंजेक्शन मिले। साइकिल सवार की पहचान अनोखे पुत्र होराम सिंह निवासी मोहल्ला टांडा के रूप में हुई। पूछताछ में अनोखे ने बताया कि वह नशे का आदी है।
वह मोहल्ला टांडा में मेडिकल स्टोर चलाने वाले धर्मेंद्र से इंजेक्शन खरीदता था। करीब एक सप्ताह पहले जब इंजेक्शन खरीदने गया तो धर्मेंद्र ने उससे कहा कि यदि वह उसके इंजेक्शन साइकिल पर बेचेगा तो ही वह उसे नशा करने के लिए इंजेक्शन देगा।
धर्मेंद्र ने इंजेक्शन बेचने की एवज में उसे दिनभर की मजदूरी 300 रुपये देने का वादा किया था। अनोखे रोजाना 50 से 60 इंजेक्शन बेच देता था। बुधवार रात पुलिस ने अनोखे को पकड़ लिया। धर्मेंद्र के यहां दबिश दी तो वह भागने में कामयाब हो गया। पुलिस ने अनोखे को जेल भेज दिया है।
दुकान पर छापा पड़ा तो अनोखे को बनाया मजदूर
एसपी सिटी ने बताया कि करीब दस दिन पहले धर्मेंद्र द्वारा नशे के इंजेक्शन बेचे जाने की जानकारी मिली थी। नई मंडी चौकी प्रभारी ने छापेमारी की तो एक भी इंजेक्शन नहीं मिला। छापामारीे के बाद धर्मेंद्र ने कारोबार को जारी रखा। जब ग्राहक धर्मेंद्र के पास आता था तो वह उसे अनोखे के पास भेज देता था। दो घंटे बाद अनोखे से बिके हुए इंजेक्शन का भुगतान ले लेता था।