खुर्जा सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े मनोज गौतम के भाई व उसके दोस्त की हत्या के मुख्य आरोपी परविंदर को अलीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जवां थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान परविंदर को दबोच लिया। हालांकि परविंदर के पिछले दो दिन से हिरासत में होने की चर्चा है।
अलीगढ़ पुलिस ने परविंदर के पकड़े जाने की पुष्टी की है, लेकिन खुर्जा पुलिस उसके पकड़े जाने की जानकारी से इनकार कर रही है। बता दें कि छह फरवरी की रात खुर्जा विधानसभा सीट से लोकदल प्रत्याशी मनोज गौतम का भाई विनोद गौतम अपने दोस्त सचिन के साथ लापता हो गया था। अगले दिन सात फरवरी की सुबह अगवाल गांव के जंगल में विनोद व सचिन की खून से लथपथ लाश मिली थी।
आठ फरवरी की सुबह पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया था कि मनोज गौतम ने ही फिरोज और परविंदर के द्वारा अपने भाई और उसके दोस्त की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, मनोज गौतम चुनाव में मतदाताओं की सहानुभूति बटोरना चाहता था। एसएसपी ने मनोज और फिरोज को जेल भेजने के दौरान जल्द ही परविंदर को गिरफ्तार करने की बात कही थी।
मुख्य आरोपी परविंदर पुत्र सुखराम गांव दाऊपुर थाना जवां जिला अलीगढ़ का रहने वाला है। खुर्जा पुलिस लगातार अलीगढ़ पुलिस के संपर्क में थी। एसओ जवां नीरज मलिक ने बताया कि रविवार सुबह टीम अनूपशहर रोड स्थित सुमहरा झाल पर चेकिंग कर रही थी। वहां से पैदल जाता हुआ परविंदर दिखाई दिया। टीम ने फौरन ही परविंदर को हिरासत में ले लिया।
इसकी सूचना खुर्जा पुलिस को दी गई। नीरज मलिक ने बताया कि परविंदर डबल मर्डर की वारदात का आरोपी है। लिखित कार्रवाई पूरी करके परविंदर को खुर्जा पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। वहीं इंस्पेक्टर खुर्जा धनंजय कुमार मिश्र ने बताया कि परविंदर को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।