दो दिन पहले गांव बादशाहपुर पंचगाई में तोता और करीब दो महीने पहले हिस्ट्रीशीटर भीष्म की हत्या उसके ही भाई धर्मेंद्र ने भाई कुशपाल और रिश्तेदार कलुआ के साथ मिलकर की थी।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर दोनों हत्याकांड का खुलासा कर दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन तमंचे और कई कारतूस भी बरामद किए।
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 21 सितंबर की रात बादशाहपुर पंचगाई निवासी भीष्म पुत्र कुंवरपाल सिंह की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
भीष्म के भाई धर्मेंद्र ने गांव के बलवीर पुत्र कंछी, विजय पुत्र बलवीर, दीपू पुत्र सिपटर, भीमा पुत्र मित्रपाल और तोता उर्फ तेजवीर पुत्र गिरिराज सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस इस वारदात का खुलासा भी नहीं कर पाई थी कि 12 नवंबर को तोता उर्फ तेजवीर की भी हत्या हो गई।
तोता के पिता गिरीराज सिंह ने चुनावी रंजिश का आरोप लगाते हुए गांव के ही धर्मेंद्र, कुशपाल पुत्रगण कुंवरपाल, सर्वेश उर्फ मूला प्रधान पुत्र धर्मवीर व कालू निवासी सूरजपुर अलीगढ़ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस को भीष्म के भाई धर्मेंद्र पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में उसने दोनों वारदातों में हाथ होना स्वीकारा।
इसके बाद पुलिस ने हत्या में शामिल रहे उसके भाई कुशपाल पुत्र कुंवरपाल निवासी बादशाहपुर पंचगाईऔर रिश्तेदार ओमपाल उर्फ कलुआ पुत्र बुद्धनपाल निवासी सूरजपुर थाना चंडौस जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।