देहात कोतवाल पर एसपी सिटी ऑफिस में ही फरियादी को पीटने का आरोप लगा है। घटना के बाद फरियादी कार्यालय में ही खुदकुशी करने पर उतारू हो गया। हंगामा शुरू होते ही एक महिला ने भी देहात कोतवाल पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। दफ्तर में बवाल होता देख एसपी सिटी ने एसएसपी के निर्देश पर सीओ सिटी को जांच सौंप दी है।
बृहस्पतिवार दोपहर थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी गोपाल पुत्र छोटे लाल एसएसपी ऑफिस पहुंचा। उसने एसपी सिटी को बताया कि 21 फरवरी 2017 की शाम छह बजे दुकान पर बैठा था। तभी कोतवाली देहात पुलिस गई और उसे उठाकर ले आई।
गोपाल ने आरोप लगाया कि देहात कोतवाल ने चार हजार रुपये छीन लिए और एक अन्य पुलिसकर्मी ने 1610 रुपये जेब से निकाल लिए। बाद में पुलिस ने दो तमंचे बरामद दिखाकर जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद जब गोपाल आया तो कोतवाल ने रुपये नहीं लौटाए।
शिकायत पर एसपी सिटी ने कोतवाल को अपने दफ्तर बुला लिया। शिकायत पर कोतवाल एसपी सिटी के कार्यालय में बने एक कक्ष में पहुंच गया। अचानक वहां से जोर-जोर से आवाज आने लगी। आवाज सुनकर जब मीडिया पहुंची तो गोपाल रो रहा था। गोपाल ने आरोप लगाया कि कोतवाल ने थप्पड़ जड़े हैं।
इसी बीच यमुनापुरम की एक मुस्लिम महिलाने एसपी सिटी से आरोप लगाते हुए कहा कि जब फरियाद लेकर कोतवाली पहुंची तो कोतवाल अमरेश कुमार बघेल ने अभद्रता की और आपा खोते हुए थप्पड़ जड़ दिए थे।
कोतवाल ने हंगामे की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी धमकाने की कोशिश की। एसपी सिटी ने मान सिंह चौहान ने बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देहात कोतवाल अमरेश बघेल ने जब से चार्ज संभाला है, तब से विवादों में घिरे रहे हैं। करीब पांच माह पहले अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह और उनके भाई के साथ कोतवाल ने अभद्रता कर दी थी। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी के गेट पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। एसएसपी ने कोतवाल पर रहम बरतते हुए कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
चुनाव के दौरान मीडियाकर्मियों से की थी अभद्रताः जनवरी 2017 में नामांकन के दौरान देहात कोतवाल अमरेश बघेल ने मीडियाकर्मियों से अभद्रता की थी। जिस पर उच्चाधिकारियों ने कोतवाल को जमकर फटकार लगाई थी।