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डेंगू से पिता और पुत्र की मौत

Sat, 17 Sep 2016 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बुखार - फोटो : अमर उजाला
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जिले में बुखार के जबरदस्त प्रकोप के बीच अहमदगढ़ क्षेत्र में शनिवार को डेंगू से पिता-पुत्र की मौत हो गई। अब तक डेंगू को नकार रहे अफसरों केे पिता-पुत्र की मौत के बाद होश उड़ गए हैं। इसके अलावा बुलंदशहर, बीबीनगर, बुगरासी, ककोड़, झाझर में भी बुखार से गर्भवती समेत आठ लोगों की जान चली गई।

जिले में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 81 पहुंच गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद अभी तक टूटी नहीं है अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव खेलिया निवासी मोनीष पुत्र तहसील खान और तहसील खान पुत्र फूल खान पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। दोनों पिता-पुत्र का उपचार पहले तो शिकारपुर में चल रहा था, लेकिन फायदा नहीं होने पर दोनों को अलीगढ़ रेफर किया गया।
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परिजनों ने बताया कि अलीगढ़ में मोनीष और तहसील को डेंगू बताया गया। शुक्रवार रात दोनों की हालत बिगड़ गई और पिता-पुत्र ने दम तोड़ दिया। एक साथ हुई पिता-पुत्र की मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया है। वहीं खानपुर क्षेत्र के गांव चंदियाना निवासी गर्भवती महिला शबाना पत्नी इलियास करीब आठ माह के गर्भ से थी।

उसे कई दिनों से बुखार था। शनिवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे खानपुर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के साथ ही उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। इसके अलावा बुलंदशहर नगर पालिका से रिटायर्ड कर्मचारी हेमराज सिंह को भी पिछले कई दिनों से बुखार था। शनिवार सुबह उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई।

उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इसके अलावा ऑल इंडिया जमाते सलमानी समाज की नगर कार्यकारिणी के कोषाध्यक्ष की बुखार से मौत हो गई। सलमानी समाज के नगर अध्यक्ष हशमत अली सलमानी ने बताया कि कोषाध्यक्ष ताहिर सलमानी को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था।

इसके अलावा बीबीनगर के मोहल्ला अंबेडकर निवासी रानी भी पिछले चार-पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। रानी का उपचार नगर के ही एक चिकित्सक के यहां चल रहा था। शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। वहीं बुगरासी के मोहल्ला भुड़वाला निवासी रामस्वरुप पुत्र हरी सिंह की भी बुखार से मौत हो गई।
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रामस्वरूप का उपचार बुगरासी के ही एक चिकित्सक के यहां चल रहा था। कोई लाभ न मिलने पर उसे रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। झाझर निवासी अभय  की भी बुखार  गाजियाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं ककोड़ निवासी ओमी पुत्र शेरा की भी पिछले कई दिनों से तबीयत खराब थी।  शुक्रवार रात ओमी की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
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