हाईवे पर रोड होल्डअप कर लूटपाट करना, हत्या और बलात्कार की घटनाएं करना सलीम बावरिया का पेशा था। सलीम प्रदेश के अलावा चार अन्य राज्यों में हाईवे पर जघन्य वारदातों को अंजाम दे चुका था। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस को सलीम की तलाश थी।
सलीम हर बार ‘क्राइम टूर’ के तहत वारदातों को अंजाम देता और भागकर दूसरे राज्य में छिप जाता था। पुलिस अब सलीम का आपराधिक इतिहास निकालने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिले कन्नौज के रहने वाला सलीम बावरिया की उपजाति छैमार जाति से आता है। इस गैंग में सबसे खतरनाक अपराधी होते हैं।
सरिया मार गिरोह को भी इसी का हिस्सा बताया जाता है। ये गिरोह खूनखराबा और महिलाओं से रेप करने की घटनाएं जरूर करता है। यह गिरोह अंग्रेजों के समय से सक्रिय है। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के लोग बिहार, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान में वारदातों को अंजाम देते है। सलीम भी उनमें से एक है।
सलीम पिछले कई सालों से वारदातों को अंजाम दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, सलीम ने पिछले कुछ माह से मेरठ के किठौर में डेरा डाल रखा था। उसने अपने पुराने साथी और कुछ नए साथियों के साथ संपर्क किया और ‘क्राइम टूर’ के तहत हाईवे वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय ने सलीम के बारे में बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने एक-दूसरे से फोन पर काफी बातें कीं। जिसमें सलीम ने अपने साथियों सेे कहा कि वारदात बड़ी है। पकडे़ गए तो आसानी से जमानत नहीं होगी। इसलिए सब अलग-अलग भाग जाओ। साथ ही पकड़े जाने पर कहा कि मुखबिरी किसने की है। उसे जिंदा नहीं छोड़ना है। फिलहाल पुलिस सलीम का आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है।