क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में आग लगने के बाद फटे ट्रांसफार्मर से महिला और उसकी मासूम बेटी झुलस गए। बम के धमाके जैसी आवाज सुनकर गांव में अफरातफरी मच गई। लोगों ने पहुंचकर मां-बेटी को जटिया अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उन्हें अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।
उधर कई बार ट्रांसफार्मर से आग लगने की घटनाओं से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर दस मिनट में ही हाईवे पर ट्रैफिक सुचारु कराया।
वाजिदपुर गांव निवासी असगर के घर के पास 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है।
शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे असगर की पत्नी आसमा नलकूप पर कपड़े साफ कर रही थी। उसके पास ही तीन वर्षीय मासूम बच्ची उमेरा भी खड़ी थी। इसी दौरान अचानक आग लगने के साथ ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर का तेल पड़ने से आसमा और उमेरा बुरी तरह झुलस गए।
उधर बम जैसा फटने की आवाज से गांव में अफरातफरी मच गई लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में मां-बेटी को जटिया अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
उधर आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने और हादसे को लेकर विद्युत निगम की लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने कहा कि ट्रांसफारमर की क्षमता बढ़ाने के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन विद्युत निगम के अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की।