कर्ज माफ कराने को लेकर शनिवार को भी महिलाओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। महिलाओं की बात सुनने के लिए कोई अधिकारी नहीं मिला। डीएम-एडीएम के न होने पर महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। शुक्रवार को भी महिलाओं की अफसरों से गहमागहमी हुई थी।
बता दें कि महिलाओं ने प्राइवेट वित्त संस्थाओं ने पैसा उधार लिया था। महिला उधार को माफ कराने की मांग कर रही है। शुक्रवार को भी महिलाएं कलक्ट्रेट पहुंची थी और हंगामा किया था। शनिवार को कलक्ट्रेट में डीएम-एडीएम नहीं थे। ऐसे में महिलाओं को नहीं सुना गया। अफसरों का इंतजार करने के बाद महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा।
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि जब तक कर्जा माफ नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फाइनेंस कंपनियों के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन
निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा बांटी गई लोन धनराशि की माफी व पुरानी करैंसी की रिकवरी होने की मांग को लेकर शनिवार को स्याना तहसील में सैकड़ों महिलाओं ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा रिकवरी के नाम पर उत्पीड़न करने व ऋण धनराशि की वापसी में नई करैंसी लेने की शिकायत की।
महिला हसीना, शायरा, फरजाना, राधिका, शकीला, रामबती, नीता आदि का कहना है कि स्याना में निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा रिकवरी के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है। जब नई करैंसी उपलब्ध ही नहीं है तो वापसी के लिए पुरानी करैंसी ही कंपनियों द्वारा ली जानी चाहिए।
एसडीएम हिमांशु कुमार गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। स्याना में फाइनेंस कंपनियों को चिन्हित कर उनके प्रतिनिधियों को तलब किया जा रहा है।