ओवरब्रिज के निर्माण के चलते बृहस्पतिवार सुबह से बुलंदशहर-ककोड़ पर स्थित चोला रेलवे फाटक बंद कर दिया गया। इसके चलते चोला चौराहा और ककोड़ चौराहे से भारी वाहनों को रोक दिया है, ताकि जाम न लगे। छोटे वाहनों का निर्धारित मार्गों से आवागमन जारी है। यह समस्या 18 फरवरी की शाम चोला फाटक खुलने के बाद ही दूर होगी।
बता दें कि चोला फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके चलते फाटक पर बने अस्थायी मार्ग को बृहस्पतिवार की सुबह बंद कर दिया गया। जो 18 फरवरी की शाम तक काम पूरा होने के बाद ही खुलेगा। फाटक बंद होने से बुलंदशहर की ओर से जाने वाले वाहनों को निकालने के लिए फतेहपुर जादो से व्यवस्था की गई।
जबकि झाझर से आने वाले वाहनों को ककोड़ चौराहे से सिकंदरपुर स्टेशन से सिकंदराबाद की ओर और दस्तूरा मोड़ से सिकंदरपुर स्टेशन से खुर्जा को निकालने की व्यवस्था की गई। यह मार्ग कम चौड़े होने के कारण जाम की समस्या बन सकती थी। लेकिन पुलिस ने इस समस्या से निजात दिलाने को चोला चौराहे और ककोड़ चौराहे पर भारी वाहनों को रोक दिया।
इसके चलते भारी वाहन चालकों की दुश्वारी बढ़ गई है। चोला चौकी इंचार्ज श्योपाल सिंह का कहना है कि चोला फाटक बंद होने के कारण 18 फरवरी की शाम तक बुलंदशहर-ककोड़ मार्ग पर गुजरने वाले भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी है। भारी वाहनों को चोला चौराहे से सिकंदराबाद और ककोड़ चौराहे से सिकंदराबाद और दस्तूरा मोड़ से खुर्जा को निकाला जा रहा है।
18 फरवरी की शाम तक हलके वाहन ही निर्धात मार्गों से गुजरेंगे जबकि भारी वाहनों पर रोक रहेगी। यह निर्णय जाम की समस्या के चलते लिया है। 18 फरवरी की शाम के बाद ही ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद ही वाहनों का आवागमन सुचारु होगा।
चोला चौराहा और ककोड़ चौराहे पर लगाया बैरियर
बुलंदशहर, ककोड़-झाझर मार्ग पर चोला फाटक बंद होने से जाम से निपटने के लिए पुलिस ने चोला चौराहा और ककोड़ चौराहा पर बैरियर लगा दिया है। चोला चौराहे से भारी वाहनों को सिकंदराबाद के रास्ते ककोड़ को निकाला जा रहा है। जबकि ककोड़ चौराहे से भारी वाहनों को सिकंदराबाद और दस्तूरा मोड़ से खुर्जा को निकाला जा रहा है।
पुलिस की यह रणनीति कामयाब रही और पहले दिन कहीं भी जाम की समस्या नहीं बनी, जिससे लोगों के साथ वाहन चालकों को राहत मिली। यह अगल बात रही कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई-कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा।