पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में हुए पेंशन घोटाले में अब अफसर-बाबू घिर गए हैं। चीफ इंजीनियर ने अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए एसई को जांच के निर्देश देते हुए सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।
पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से 37 रिटायर्ड कर्मियों को सालों तक ज्यादा पेंशन दी जाती रही। मामला संज्ञान में आते ही विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पेंशनरों को ज्यादा जारी हुई पेंशन की रिकवरी शुरू कर दी गई, लेकिन महज 11 पेंशनर्स से करीब 20 लाख रुपये की पेंशन रिकवर की जाती रही।
अभी भी 26 पेंशनर्स जारी हुई ज्यादा पेंशन को लौटाने को तैयार नहीं है। यह पेंशन करीब 60 से 70 लाख रुपये तक है। मामले में घिरा बाबू अपना तबादला लोनी करा चुका है। इसके अलावा तत्कालीन एक्सईएन से लेकर एसई भी लोनी में ही ड्यूटी कर रहे हैं।
28 नवंबर को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने पर चीफ इंजीनियर गाजियाबाद ने संज्ञान लेते हुए मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दोषी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।