कपूरथला में महिला के साथ पर्स स्नैचिंग
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हाईवे पर हुई हैवानियत के 24 घंटे बाद मौका-ए-वारदात पर मिली अंगूठी और चेन नकली निकली। साथ ही पीड़ितों ने पर्स समेत इन जेवरों को अपना मानने से इनकार कर दिया है। पुलिस अब इसे तफ्तीश को भटकाने की कोशिश मानते हुए जांच कर रही है।
हाईवे पर हैवानियत के बाद पुलिस ने सुबह करीब 5.30 बजे ही मौके पर जाकर साक्ष्य एकत्रित कर लिए थे। घटना के अगले दिन एक नेताजी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना पर आक्रोश जाहिर करने लगे। इसी दौरान वहां एक नकली चेन, अंगूठी और पर्स पड़ा हुआ मिला, जो तमाम मीडिया चैनलों और अखबारों की सुर्खियां बन गया।
पुलिस ने चेन, अंगूठी और पर्स अपने कब्जे में ले लिया। सभी साक्ष्यों को पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया और पीड़ितों को दिखाया। इस पर पीड़ित पक्ष ने किसी भी सामान को खुद का होने से इनकार किया। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई । जांच में पता चला कि यह किसी की हरकत है जिसका उद्देश्य पुलिस तफ्तीश को भटकाना था। नाम न छापने की शर्त पर एक अफसर ने बताया कि रिपोर्ट आईजी, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और मुख्यमंत्री को भेज दी गई है।
आईजी ने रातों-रात बदले विवेचनाधिकारी
बुलंदशहर (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर जांच मिलने के बाद आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय बुधवार देर रात बुलंदशहर पहुंचे। आईजी ने देहात कोतवाली के एसएसआई भंवरपाल सिंह से विवेचना नगर कोतवाल आरके सिंह को सौंप दी। आईजी ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। साथ ही हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आईजी ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए।
गैंगरेप का मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय को जांच सौंपी गई। बुधवार रात करीब 10.30 बजे आईजी सुजीत पांडेय बुलंदशहर पहुंचे। कुछ पुलिसकर्मियों से पूछताछ करने के बाद जांच अधिकारी ही बदल दिया। एसओ कोतवाली देहात रामेश्वर सिंह ने बताया कि विवेचना बदले जाने की जानकारी मिली है।