बुलंदशहर के पते पर एक महिला ने पिस्टल और रिवाल्वर (एनपी-बोर) का लाइसेंस बनवा लिया। इतना ही नहीं महिला ने खुद जनपद के डीएम की फर्जी एनओसी बनाकर गुरूग्राम प्रशासन के पास जमा करवा दी। सत्यापन के लिए गुरूग्राम पुलिस बुलंदशहर पहुंची तो महिला का झूठ पकड़ा गया। पुलिस ने चालबाज महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीए आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ज्योति शर्मा पत्नी गौरव शर्मा ने खुद को बुलंदशहर की अंबेडकर भवन शिव कालोनी निवासी बता कर गुरूग्राम में पिस्टल और रिवाल्वर का लाइसेंस दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था। गुरूग्राम प्रधान ने प्रक्रिया के तहत बुलंदशहर के डीएम से एनओसी मांगी।
आरोप है कि महिला ने जिलाधिकारी की फर्जी एनओसी गुरुग्राम प्रशासन के पास जमा करवा दी। एनओसी में बंदूक बाबू और जिलाधिकारी के फर्जी दस्तखत और स्टांप भी लगी हुई थी। इस पर यकीन करते हुए गुरुग्राम प्रशासन के कर्मचारियों ने फाइल को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया। आला अधिकारी ने सत्यापन के लिए पुलिस अफसरों को बुलंदशहर भेजा।
पुलिस अफसरों ने बंदूक बाबू को एनओसी का हवाला देकर जानकारी मांगी। रिकार्ड में ज्योति शर्मा के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हुआ था। बृहस्पतिवार को इस मामले में डीएम ने रिपोर्ट लगाकर हरियाणा पुलिस को दे दी। बताया जा रहा है कि जिले में पहले भी गलत पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाए गए जिसमें छह गन हाउस के संचालकों के खिलाफ पुलिस जांच कर रही थी।