हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के आरोपी में जेल गया एक आरोपी पांच हजार का इनामी रहा है। जुबेर उर्फ शावेेज को जौनपुर पुलिस ने डकैती में वांछित रहने पर पांच हजार का इनाम घोषित किया था। जौनपुर पुलिस वर्ष 2014 से तलाश कर रही थी जबकि इसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस ने जुबेर को आठ अगस्त की रात मेरठ के मवाना से गिरफ्तार किया और नौ अगस्त की दोपहर जेल भेजा था। 29 जुलाई की रात कोतवाली देहात क्षेत्र में दोस्तपुर गांव के निकट हाईवे किनारे मां-बेटी को बंधक बनाकर बदमाशों ने गैंगरेप किया था। पुलिस ने एक अगस्त को रईस, शाबेज और जबर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जबकि आठ अगस्त की रात क्राइम ब्रांच ने कन्नौज निवासी सलीम, जुबेर उर्फ परवेज और साजिद को गिरफ्तार किया था। तीनों को नौ अगस्त की दोपहर जेल भेजा था। एसएसपी जौनपुर अतुल सक्सेना ने फोन पर बताया कि 2014 में जौनपुर के शाहगंज थाना क्षेत्र में डकैती हुई थी। बदमाश ने लूटपाट के बाद पीड़ितों को पीटकर घायल किया था।
शाहगंज थाने में अपराध संख्या 309/2014 दर्ज है। जौनपुर पुलिस ने वारदात का खुलासा कर कई बदमाशों को जेल भेज दिया था जिसमें कन्नौज निवासी जुबेर उर्फ परवेज उर्फ सुनील पुत्र अकील फरारी काट रहा था। तत्कालीन एसएसपी जौनपुर ने जुबेर पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
जबर, शावेज के घर अभी नहीं पहुंची सीबीआई टीम
गैंगरेप की जांच कर रही सीबीआई टीम अभी तक अन्य आरोपी जबर सिंह और शावेज के घर नहीं पहुंची है। जबकि बुधवार दोपहर आरोपी रईस के घर पहुंचकर सीबीआई टीम ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जल्द सीबीआई टीम जबर सिंह और शावेज के घर पहुंचकर पूछताछ कर सकती है।
29 जुलाई की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप हुआ था। वारदात के पीछे शुरुआत से लोकल कनेक्शन मानकर चल रही पुलिस ने सुतारी निवासी रईस को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हापुड़ के धहपा निवासी शावेज और गौतमबुद्धनगर जिले के रबूपुरा निवासी जबर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। 19 अगस्त से सीबीआई तेजी से जांच कर रही है। बुधवार दोपहर लोकल पुलिस के साथ सीबीआई टीम सुतारी निवासी रईस के घर पहुंची। वहां उसने रईस के परिजनों और पड़ौसियों से पूछताछ की।
इसके बाद टीम लौट आई। बृहस्पतिवार दोपहर तक सीबीआई टीम जबर सिंह और शावेज के घर नहीं पहुंची थी। माना जा रहा है कि जल्द ही टीम दोनों के घर जाएगी और सच्चाई का पता लगाएगी। बता दें कि शुरुआत से रईस के परिजन रईस को बेगुनाह बता रहे हैं।
एक दर्जन ठिकानों पर सीबीआई ने दी दबिश
हाईवे गैंगरेप कांड में फरार चल रहे सातवें आरोपी फाती को पकड़ने और अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार से लेकर अब तक एक दर्जन ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि सीबीआई की ओर से इस बारे में कोई पुष्टी नहीं हुई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फरार चल रहे सातवें आरोपी फाती को पकड़ने के लिए सीबीआई टीम ने गिन्नौर के मकनपुर, औरेया के बेला व फर्रुखाबाद के कमालगंज समेत करीब एक दर्जन ठिकानों पर अलग-अलग तरीके से छापेमारी की और केस से संबंधित सबूत जुटाए।
माना जा रहा है कि सीबीआई टीम इस गिरोह के मकड़जाल को तोड़ने की कोशिश में लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सलीम के गिरोह में 10 लोग रहते हैं। वारदात के समय रेप या गैंगरेप जैसी वारदात को अंजाम देने से नहीं डरते।
इस गिरोह के सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद वारदात को आसानी से कबूल नहीं करते। इसलिए सीबीआई टीम पूरे गिरोह को तोड़ने में लगी है। बता दें कि हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने सलीम, जुबेर और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।