बहन को समझाने उसकी ससुराल आए भाइयों की हत्या के मामले में बहनोई को कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस राशि में से दस हजार रुपये मृतकों की बहन को दिए जाने की व्यवस्था की है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा व वादी के अधिवक्ता दुष्यंत उपाध्याय व विवेक उपाध्याय ने बताया कि वादी कृष्ण कुमार शर्मा पुत्र सुरेश चंद शर्मा निवासी सौंदा हबीबपुर ने थाना खुर्जा में एफआईआर दर्ज दर्ज कराई थी।
उसने बताया था कि चचेरी बहन रजनी शर्मा पुत्र देवेंद्र कुमार गौड़ की ससुराल ज्ञानलोक निवासी भूपेंद्र शर्मा पुत्र रघुनंदन लाल शर्मा के यहां है। भूपेंद्र शराबी किस्म का आदमी है तथा शादी के बाद से ही लगातार रजनी शर्मा को प्रताड़ित करता रहा है।
वह 29 जुलाई 2014 की रात में शराब पीकर खाने में सलाद नहीं परोसने पर भूपेंद्र शर्मा ने रजनी शर्मा के साथ मारपीट की। इसकी जानकारी रजनी ने 30 जुलाई 2014 को अपने मायके दी। जिस पर वादी उसके भाई चमन गौड़ व राजा पुत्र देवेंद्र कुमार रजनी को समझाने बुझाने के लिए दोपहर में उसकी ससुराल पहुंचे।
वादी को देखकर भूपेंद्र कुमार गाली-गलौंच करने लगा। वादी द्वारा समझाने पर गुस्से में आ गया और लाइसेंसी रिवाल्वर से उसके सामने खड़े चमन गौड़ व राजा को गोली मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वादी पर भी भूपेंद्र ने फायर किए, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में सौंप दी। जहां वादी और मृतकों के पिता सहित आठ गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। तमाम गवाहों व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनकर भूपेंद्र को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।