क्राइम ब्रांच और कोतवाली देहात पुलिस टीम ने कुख्यात अपराधी बलराज भाटी गैंग के फरार चल रहे सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। चंद्रप्रकाश उर्फ मुन्ना नाम के इस बदमाश पर पुलिस की ओर से पांच हजार रुपये का इनाम था। वर्ष 2014 में हत्या करने के बाद नाम बदलकर और फर्जी आईडी तैयार कराकर अलीगढ़ में रह रहा था।
इस पर वर्ष 2012 में कटार दंपत्ति की हत्या का भी आरोप है। एसएसपी अनीस अहमद अंसारी और एसपी क्राइम अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि मंगलवार सुबह चेकिंग के दौरान कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित बाइपास से कुख्यात अपराधी बलराज भाटी गिरोह के सदस्य पांच हजार के इनामी चंद्रप्रकाश उर्फ मुन्ना निवासी गांव ढूंसरी थाना शिकारपुर को गिरफ्तार कर लिया।
चंद्रप्रकाश ने वर्ष 2014 में बलराज भाटी, अन्नी गुर्जर एवं सुरेंद्र सुलैला के साथ मिलकर गांव के ही विपिन उर्फ लाला की ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। तब से चंद्रप्रकाश फरार था। लगातार फरार रहने पर एसएसपी की ओर से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
चन्द्रप्रकाश उर्फ मुन्ना अपने भाई बच्चू सिंह व रामपाल सिंह तथा चन्द्रशेखर के साथ मिलकर मृतक विपिन उर्फ लाला के भाई हरेन्द्र पर फैसला करने के लिए दबाव बना रहा था। उसकी जमीन अपने नाम करने के लिए उसको जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि चंद्रप्रकाश उर्फ मुन्ना ने फरार रहने के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए अलीगढ़ में मुन्ने खां पुत्र सुक्खे खां के नाम से फर्जी आईडी तैयार करा रखी थी। फर्जी आईडी बनाने के मामले में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
एसएसपी ने बताया कि चंद्रप्रकाश के खिलाफ वर्ष 1990 में भी हत्या का एक मामला दर्ज हुआ था। फिलहाल चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।