हाईवे-91 स्थित देहात थाने के पास शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में मामा-भांजी की मौत के बाद लोग भड़क गए। उन्होंने हाईवे से गुजर वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और पथराव किया। ग्रामीण डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। जाम न खोलने पर पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी।
इससे उखडे़ ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दौड़ा लिया। हालांकि पुलिस ने बाद में सख्ताई दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। तब जाकर जाम खुल सका। हालांकि शाम करीब साढ़े छह बजे डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब सात बजे जाम खुल गया।
हाईवे-91 स्थित देहात थाने के पास हुए हादसे के बाद ग्रामीणा बेकाबू हो गए। ग्रामीणों ने गरीब परिवार को तुंरत मुआवजे की घोषणा करने के लिए कहते हुए एसएसपी-डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। डीएम-एसएसपी के नहीं आने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। इसके अलावा पुलिस के काफी समझाने के बाद ग्रामीणों ने जब जाम नहीं खोला तो पुलिस ने लाठियों के बल पर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
पुलिस के इस रवैये से उबले ग्रामीणों ने लामबंद होकर उल्टे ही पुलिस पर पथराव कर दौड़ा लिया। बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छुड़वाते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। इसे बाद लोगों ने आसपास के खेतों में आग लगा दी। मामला ज्यादा बढ़ने पर शाम करीब साढ़े छह बजे घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक आश्रितों को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम खोला।
अफसरों की लापरवाही ने बिगाड़ दिए हालात
पुलिस और प्रशासन के आला अफसर अगर समय से घटनास्थल पर पहुंच जाते तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता। शव रखकर जाम लगा रहे लोग डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ थे। एडीएम सवा चार बजे पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी नहीं सुनी। इस बीच पुलिस ने लाठी फटकार दी तो बवाली भड़क गए। डीएम और एसएसपी शाम करीब साढ़े छह बजे मौके पर पहुंचे, तब जाकर मामला शांत हुआ।
वीडियोग्राफी से खोजे जा रहे प्रदर्शनकारी
जानकारी के अनुसार पुलिस-प्रशासन हाईवे जाम और बवाल की वीडियोग्राफी करा ली है। अब फुटेज के बाद पुलिस शनिवार को बवालियों को चिहिन्त करेगी और आसपास के गांवों तेज अभियान के साथ खंगाला जाएगा। एसएसपी का कहना है कि कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं दी जा सकती है। बवालियों को बख्सा नहीं जाएगा। पुलिस शनिवार को प्रदर्शनकारियों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज करा सकती है।
पुलिस ने नहीं किया लाठीचार्ज
हालात पर काबू पाने के लिए पीएसी बुलाई गई है। जिन लोगों कानून हाथ में लिया है, उन्हें बख्सा नहीं जाएगा। घटनास्थल के आसपास के गांवों में पुलिस दबिश देगी। मामले में लाठी चार्ज नहीं किया गया है। - सोनिया सिंह, सोनिया सिंह, बुलंदशहर
लवी लड़ रहा जिंदगी की जंग
नेशनल हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद देहात क्षेत्र के गांव अच्छेजा खुर्द निवासी सोहनलाल का परिवार तिनकों की मानिद बिखर गया। सोहनलाल की लड़की ज्योति की दर्दनाक मौत हो गई और बेटा लवी अस्पताल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। उसकी बहन ज्योति भैया-दूज के बाद हमेशा के विदा हो गई।
वहीं सोहनलाल का पुत्र लवी अलीगढ़ स्थित अस्पताल में जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा है। खास यह है कि विगत एक तारीख को भैया-दूज पर ज्योति ने भाई लवी की लंबी उम्र की कामना की, लेकिन वह बहन अब इस दुनिया में नहीं है। सोहनलाल का परिवार यह हादसा कभी नहीं भुला सकता क्योंकि हादसे ने उन्हें हिलाकर रख दिया है।
डीएम ने किया मदद का एलान
डीएम ने बताया कि पीड़ित को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन से भी मदद मांगेंगे।